पाकिस्तान के कुरान के कानून से सीख लें, न कि तीन तलाक बिल
नेशनलिस्ट कॉंग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायक सना मलिक ने महाराष्ट्र विधानसभा में ट्रिपल तलाक बिल पर बहस करते हुए कहा कि पाकिस्तान के मुस्लिम कानून से सीख लें

सौजन्य से:- Navbharat Times
Sana Malik: कुरान के कानून से चले भारत, NCP विधायक सना मलिक का पाकिस्तान प्रेम, महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा
Curated by: सुजीत उपाध्याय|नवभारतटाइम्स.कॉम•
Sana Malik Aggressive Speech In Maharashtra Assembly: महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे ने राज्य में ट्रिपल तलाक कानून लागू करने के बारे में 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' पेश किया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र किया। इस पर NCP विधायक सना मलिक ने अपना पक्ष रखा। इससे सदन में खूब हंगामा हुआ।
देवयानी फरांडे ने क्या कहा?
देवयानी फरांडे ने कहा कि अगर हम पाकिस्तान को देखें, जो भारत से अलग हुआ देश है। तो हम देखते हैं कि वहां एक से ज्यादा शादियां (बहुविवाह) करने के इच्छुक व्यक्ति को अपनी पहली पत्नी से लिखित अनुमति लेनी होती है। इसके अलावा पाकिस्तान में एक मध्यस्थता परिषद (आर्बिट्रेशन काउंसिल) बनाई गई है। यह परिषद तय करती है कि व्यक्ति को शादी करने की अनुमति दी जाए या नहीं। भारत और पाकिस्तान 1947 में अलग हुए थे, फिर भी पाकिस्तान में बहुविवाह की दर सिर्फ 1 प्रतिशत है। मैंने डेढ़ महीने में ही 'तीन तलाक' के तीन मामले देखे हैं, और पुलिस ने इन मामलों में उचित कार्रवाई की है।
सना मलिक ने क्या कहा?
सना मलिक ने कहा कि मेरी सहयोगी देवयानी फरांडे ने इस 'ध्यान आकर्षण' प्रस्ताव में मुस्लिम महिलाओं से जुड़े सवाल उठाए हैं। मैं इस सदन में बस एक सवाल पूछना चाहती हूं। क्या इस तरह का अत्याचार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के साथ ही हो रहा है? क्या मुझे यह सवाल पूछने की अनुमति है? क्या मुझे इसका जवाब मिल सकता है? सना मलिक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में मुस्लिम कानून के तहत बहुविवाह की अनुमति है। पाकिस्तान ने कुछ नया नहीं किया है। उसने बस कुरान में बताए गए मुस्लिम कानून को लागू किया है। हम इस्लाम में कुरान की शिक्षाओं का पालन करते हैं। पाकिस्तानी सरकार ने कुरान में कही गई बातों को लागू करने के लिए कानून बनाया और भारत को भी ऐसा ही कानून लाना चाहिए। हम यही मांग कर रहे हैं।
सना मलिक ने तीन तलाक के बारे में असल में क्या कहा?
सना मलिक ने कहा कि दूसरा मुद्दा ट्रिपल तलाक से जुड़ा है। तलाक के अलग-अलग तरीके हैं: तलाक-ए-हसन, तलाक-ए-अहसन और तलाक़-ए-बिद्दत। सना मलिक ने कहा कि हम तलाक़-ए-हसन और तलाक़-ए-अहसन को मानते हैं। तलाक़-ए-बिद्दत एक सांस्कृतिक प्रथा है। एक ऐसी परंपरा जो पीढ़ियों से चली आ रही है लेकिन असल में इसका जिक्र (कुरान में) नहीं है। सना मलिक ने साफ किया कि तुरंत ट्रिपल तलाक को खत्म करने के लिए एक कानून बनाया गया, जबकि ऐसी चीज को खत्म किया गया जो हमारी प्रथा में थी ही नहीं। अगर ऐसी किसी प्रथा का पालन किया जाता है और कोई इसका विरोध करता है, तो हम उस विरोध के खिलाफ आवाज नहीं उठाते। इसके उलट हम स्थापित प्रथा का ही पालन करते हैं।
बहुविवाह पर क्या बोलीं सना मलिक?
बहुविवाह (एक से ज्यादा पत्नियां रखने) पर सना मलिक ने कमेंट किया कि तीसरा मुद्दा यह है कि क्या बहुविवाह की इजाजत सिर्फ मुस्लिम समुदाय में है? क्या सिर्फ मुसलमान ही बहुविवाह करते हैं? क्या सिर्फ मुस्लिम पुरुष ही बहुविवाह करते हैं? क्या दूसरे धर्मों के पुरुष बहुविवाह नहीं करते? सना मलिक ने तर्क दिया कि ऐसा दूसरी जगहों पर भी होता है। बहुविवाह के नियमों पर चर्चा करते समय पाकिस्तान का उदाहरण नहीं देना चाहिए। इसके बजाय कुरान का हवाला दिया जाना चाहिए और उसी को लागू किया जाना चाहिए।
हर धर्म में मौजूद है बहुविवाह
बहुविवाह सिर्फ एक धर्म तक सीमित नहीं है। यह हर धर्म में मौजूद है। इस्लाम में बहुविवाह की प्रथा बताई गई है और उसी का पालन किया जाता है। इस पर कानून बनाया जाना चाहिए। सना मलिक ने मांग की। सना मलिक के बयान के बाद बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने अपनी बात रखी।
अतुल भातखलकर ने क्या कहा?
विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि इस 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' का मकसद यह पता लगाना है कि क्या ट्रिपल तलाक कानून सही ढंग से लागू हो रहा है। माननीय सदस्य कुरान, पाकिस्तान और इस्लामी परंपराओं पर भाषण दे रही हैं। ऐसे भाषण की कोई जरूरत नहीं है। यह देश संविधान के अनुसार चलता है, कुरान के अनुसार नहीं। इसके बाद गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने अपना पक्ष रखा।
योगेश कदम ने क्या कहा?
योगेश कदम ने कहा कि देवयानी फरांडे के उठाए मुद्दे पर सना मलिक ने सवाल किया कि क्या यह मामला सिर्फ मुस्लिम धर्म तक ही सीमित है। हालांकि, मेरी जानकारी के अनुसार, दूसरे धर्मों के प्रतिनिधियों की ओर से ट्रिपल तलाक को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। ट्रिपल तलाक की प्रथा कुछ खास समुदायों में है और शिकायतें भी उन्हीं समुदायों से आ रही हैं। फिर भी, जब हम कोई कानून बनाते हैं, तो वह किसी खास धर्म के लिए नहीं होता। वह सभी पर लागू होता है।
योगेश कदम ने दिलाया भरोसा
योगेश कदम ने साफ किया कि केंद्र ने क्या कानून बनाया? उसने मोबाइल मैसेज, ईमेल या फ़ोन पर बातचीत के जरिए तलाक (तलाक) देने की प्रथा को संबोधित किया। वह प्रथा अन्यायपूर्ण थी, इसीलिए यह कानून बनाया गया। अब हम राज्य में इसे लागू करना सुनिश्चित कर रहे हैं। योगेश कदम ने भरोसा दिलाया कि एक बार यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो जाने के बाद यह कानून सभी पर लागू होगा। इसलिए सना-ताई, आप बहुविवाह (एक से ज्यादा शादियां करने) के मुद्दे को लेकर निश्चिंत रह सकती हैं। हम किसी खास धर्म के मानने वालों को निशाना बनाने के लिए यह कानून लागू नहीं कर रहे हैं। यह कानून सभी पर लागू होगा।
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