होममुकदमेसीतामढ़ी में अब त्वरित निपटारा: बिना खर्च और अपील के मिलेगा विवादों का समाधान
मुकदमे

सीतामढ़ी में अब त्वरित निपटारा: बिना खर्च और अपील के मिलेगा विवादों का समाधान

सीतामढ़ी जिले में स्थायी लोक अदालत की बैठक के बाद अब यहां विवादों का त्वरित निपटारा होगा. न्यायाधीश संजना गांधी ने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर मामले सुलझेंगे और इसका फैसला अंतिम होगा, जिसकी अपील नहीं की जा सकेगी. यहाँ परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली, पानी, सार्वजनिक सफाई, अस्पताल, बीमा, शैक्षणिक संस्थान और आवास जैसी आवश्यक सेवाओं से संबंधित मामलों का निपटारा होगा.

2 जुलाई 2026 को 05:24 am बजे
सीतामढ़ी में अब त्वरित निपटारा: बिना खर्च और अपील के मिलेगा विवादों का समाधान

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

Sitamarhi Lok Adalat: स्थायी लोक अदालत से अब होगा विवादों का त्वरित निपटारा, बिना खर्च और अपील के मिलेगा अंतिम समाधान

सीतामढ़ी व्यवहार न्यायालय मुख्य द्वार

Sitamarhi Lok Adalat : जिले में जनोपयोगी सेवाओं के विवादों के त्वरित निपटारे के लिए स्थायी लोक अदालत की बैठक हुई. न्यायाधीश संजना गांधी के अनुसार, यहाँ बिना खर्च आपसी सहमति से विवाद सुलझेंगे और लोक अदालत का फैसला अंतिम होगा, जिसकी अपील नहीं की जा सकेगी.

सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट

Sitamarhi Lok Adalat: नालसा (नई दिल्ली) एवं बालसा (पटना ) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में को एडीआर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक स्थायी लोक अदालत के सुचारू संचालन और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर बुलाई गई थी. बैठक की अध्यक्षता प्राधिकार की सचिव-सह-न्यायाधीश संजना गांधी ने की, जिसमें अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने की रणनीति तैयार की गई.

बिना किसी खर्च और लंबी प्रक्रिया के सुलझेंगे मामले

बैठक को संबोधित करते हुए सचिव संजना गांधी ने कहा कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों के लिए एक सुलभ और बेहद प्रभावी मंच है. यहां बिना किसी अदालती खर्च और लंबी कानूनी प्रक्रिया के विवादों का स्थायी समाधान किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच के मूल विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करना है, जिससे समाज में शांति और सौहार्द का माहौल स्थापित हो सके.

जनोपयोगी सेवाओं के मामलों पर रहेगा विशेष फोकस

न्यायाधीश संजना गांधी ने बताया कि यह अदालत मुख्य रूप से आम जनता से जुड़ी जनोपयोगी सेवाओं के विवादों का निपटारा करती है. इसके तहत परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली, पानी, सार्वजनिक सफाई, अस्पताल, बीमा, शैक्षणिक संस्थान और आवास जैसी आवश्यक सेवाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई कर उनका समाधान किया जाता है. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे इन सेवाओं से जुड़े अपने विवादों के समाधान के लिए सीधे स्थायी लोक अदालत में आवेदन करें.

लोक अदालत का फैसला अंतिम, नहीं होगी कोई अपील

प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सचिव ने बताया कि स्थायी लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सुलह के आधार पर ही मामलों का निपटारा किया जाता है. इस अदालत द्वारा जारी किया गया आदेश (अवार्ड) पूरी तरह अंतिम और सर्वमान्य होता है. इस फैसले के खिलाफ किसी भी ऊपरी अदालत में कोई अपील, रिवीजन या पुनरावलोकन नहीं किया जा सकता है. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है.

ये भी पढ़ें: पुलिस का बड़ा एक्शन, फरार अभियुक्त प्रवचन साह पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन
मुकदमे

बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी
मुकदमे

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई
मुकदमे

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
मुकदमे

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी
मुकदमे

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद
मुकदमे

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता
मुकदमे

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत

ताज़ा ख़बरें