सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन, सीवान में द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड गठित
सीवान जिले में जीवन के अंतिम चरण में उपचार से जुड़े मामलों में उपचार वापस लेने अथवा रोकने की प्रक्रिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया गया है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड का गठन
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भास्कर न्यूज | सीवान
जीवन के अंतिम चरण में उपचार (एंड ऑफ लाइफ केयर) से जुड़े मामलों में उपचार वापस लेने अथवा रोकने की प्रक्रिया के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सीवान जिले में द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर सीवान के सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित करते हुए आदेश जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव द्वारा 10 जून 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि हरिश राणा बनाम भारत संघ एवं अन्य वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने 11 मार्च 2026 को दिए गए निर्णय के अनुपालन में सभी जिलों में द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड के गठन हेतु पंजीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल तैयार करने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर इसी पैनल से द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाएगा।
इसी निर्देश के अनुपालन में के सिविल सर्जन ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को पैनल में शामिल किया है। जिसमे डॉ. राजीव कुमार रंजन सामान्य शल्य चिकित्सक, सदर अस्पताल सीवान, डॉ. सदा कमर बेहोशी (निश्चेतना) रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, सीवान, डॉ. शैलेश कुमार अस्थि एवं तंत्रिका रोग विशेषज्ञ, अनुमंडलीय अस्पताल, महाराजगंज, डॉ. निखिल कुमार सामान्य चिकित्सा विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पचरुखी, डॉ. राघवेंद्र वाजपेयी नेत्र रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल सीवान को शामिल किया गया है।
पैनल में शामिल सभी डॉक्टरों को सिविल सर्जन ने दी जानकारी आदेश में कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर इसी पैनल से द्वितीयक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाएगा। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिला स्वास्थ्य समिति, सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल महाराजगंज तथा स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने तथा अनुपालन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। विभाग के अनुसार इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2026 में प्रस्तावित है।
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