Supreme Court: दंपती के समझौते से बेटी का हक खत्म नहीं होता, शीर्ष कोर्ट ने किस मामले की ये टिप्पणी?
{"_id":"6a8cf9dffc074b5044052c33","slug":"supreme-court-right-of-daughter-settlement-between-couple-justice-sandeep-mehta-justice-manmohan-bench-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: दं…

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a8cf9dffc074b5044052c33","slug":"supreme-court-right-of-daughter-settlement-between-couple-justice-sandeep-mehta-justice-manmohan-bench-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: दंपती के समझौते से बेटी का हक खत्म नहीं होता, शीर्ष कोर्ट ने किस मामले की ये टिप्पणी?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: दंपती के समझौते से बेटी का हक खत्म नहीं होता, शीर्ष कोर्ट ने किस मामले की ये टिप्पणी?
Tue, 25 Aug 2026 07:41 AM IST
ज्योति भास्कर
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 25 Aug 2026 07:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घरेलू हिंसा से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी के बीच हुए समझौते से उस बालिग बेटी के मौद्रिक अधिकार खत्म नहीं हो सकते, जो उस समझौते की पक्षकार ही नहीं थी। अदालत ने कहा कि बेटी को अपने अधिकारों के लिए कानून के मुताबिक नए सिरे से कार्यवाही करने की छूट है।
विज्ञापन
घरेलू हिंसा कानून के तहत शुरू की गई कार्यवाही
जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने ये टिप्पणी उस मामले में की है जिसमें पति-पत्नी के बीच हुए समझौते के बाद घरेलू हिंसा कानून के तहत शुरू की गई कार्यवाही से जुड़ा था। पत्नी ने पति के साथ समझौते में भविष्य में किसी भी मौद्रिक दावे और भरणपोषण की मांग नहीं करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था।
विज्ञापन
बेटी बालिग थी, लेकिन वह समझौते की पक्षकार नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से नोट किया कि समझौता सिर्फ पति और पत्नी के बीच हुआ था। उस समय बेटी बालिग थी, लेकिन वह समझौते की पक्षकार नहीं थी। इसलिए अदालत ने कहा कि बेटी के बारे में यह नहीं माना जा सकता कि उसने अपने मौद्रिक दावों का त्याग कर दिया था।
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
ताज़ा ख़बरें
- महिलाओं के आत्मरक्षा अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट की राय
- सुरक्षा के लिए हथियार रखने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के 12 अपर जजों को स्थायी पद पर रखने की सिफारिश की
- सुप्रीम कोर्ट के 13 सवालों पर FSSAI ने 43 पृष्ठों का विस्तृत हलफ़नामा पेश किया
- FSSAI ने 13 प्रश्नों के उत्तर में पेश किया 43‑पृष्ठीय हलफनामाः लाल चेतावनी लेबल का ढांचा और समय‑सीमा
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को दिया कड़ाकेदार चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया, सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी सामग्री हटाने के प्रस्ताव पर निर्णय टाला
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को चेतावनी दी: शिक्षा से अधिक मुनाफे पर न ध्यान दें

