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'हाथी गलियारों में बाधाएं अस्वीकार्य', सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को कड़ा निर्देश - supreme court states cant obstruct elephant corridors

'हाथी गलियारों में बाधाएं अस्वीकार्य', सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को कड़ा निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह देश भर में हाथियों के गलियारों में किसी भी राज्य द्वारा खड़ी की गई बाधाओं का सर्…

17 अगस्त 2026 को 03:56 pm बजे
'हाथी गलियारों में बाधाएं अस्वीकार्य', सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को कड़ा निर्देश
 - supreme court states cant obstruct elephant corridors

सौजन्य से:- Jagran

'हाथी गलियारों में बाधाएं अस्वीकार्य', सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को कड़ा निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह देश भर में हाथियों के गलियारों में किसी भी राज्य द्वारा खड़ी की गई बाधाओं का सर्वे करे।

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ने हाथी गलियारों में बाधाओं पर रोक लगाई।

- पर्यावरण मंत्रालय को देशव्यापी सर्वे का निर्देश दिया।

- फसल नुकसान बहाना नहीं, हाथियों का रास्ता न रोकें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) को निर्देश दिया कि वह पूरे देश में यह पता लगाने के लिए सर्वे करे कि क्या किसी राज्य ने हाथियों के कारिडोर में कोई रुकावट या बाधा खड़ी की है। ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने साफ किया कि फसल और आजीविका के नुकसान को रोकने के लिए राज्य हाथियों के रास्ते में रुकावटें खड़ी नहीं कर सकते। हम इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट हैं कि वन्यजीवों के रास्ते में रुकावटें नहीं होनी चाहिए।

हाथियों के झुंड लंबी दूरी तक यात्रा करते हैं। कोई भी राज्य यह नहीं कह सकता कि सिर्फ इसलिए कि फसलें बर्बाद हो रही हैं, उन्हें हाथियों के रास्ते में रुकावटें खड़ी करनी होंगी। जस्टिस बागची ने कहा कि बंगाल में आग के गोले और नुकीले कांटे इस्तेमाल करने का चलन है, क्योंकि हाथी नेपाल से आते हैं और बंगाल होते हुए झारखंड और दूसरे राज्यों में जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने हाथियों को भगाने के लिए किसी भी तरह के आग के गोले या मशालों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी और राज्य अधिकारियों से अपने निर्देशों को लागू करने को कहा। पीठ ने भारत सरकार और संबंधित मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे एक नया सर्वे करें और विस्तृत रिपोर्ट सौंपें, जिसमें ऐसी रुकावटों को रोकने के लिए उठाए गए कदमों और जरूरी उपायों की जानकारी हो।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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