बिना TET पास किए जूनियर शिक्षकों का भविष्य अस्सी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी पर संकट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जूनियर शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यदि उन्हें रिवर्ट किया जाता है, तो इसका सीधा असर उनके करियर और परिवार पर पड़ेगा।

सौजन्य से:- Navbharat Times
लखनऊ: सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक अर्हता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद वे जूनियर शिक्षक परेशान हैं, जो प्रमोशन पाकर इस पद तक पहुंचे हैं, लेकिन टीईटी पास नहीं की है। इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से कोई आदेश जारी न होने से भी शिक्षक असमंजस में हैं। शिक्षकों को यह डर सता रहा है कि क्या इन्हें रिवर्ट किया जाएगा?
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर 2025 को यह आदेश दिया था कि कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले बेसिक और जूनियर शिक्षकों को टीईटी पास करना जरूरी होगा। यह आदेश उन शिक्षकों पर भी लागू होगा, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने से पहले से पढ़ा रहे है। इसके खिलाफ कई शिक्षकों और संगठनों ने पुनर्विचार याचिकाएं दायर की। इन पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने TET से कोई छूट नहीं दी है, हालांकि TET पास करने की समयसीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। मांग, स्थिति साफ करे विभाग
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि कोर्ट का कोई भी आदेश होता है तो उसके बाद विभागीय आदेश भी जरूरी है। अमल तो विभागीय आदेश पर ही किया जाएगा। जो भी असमंजस है, उसे विभाग को दूर करना चाहिए। वहीं, इस बारे में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि सभी अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों के साथ बैठक कर इस पर फैसला किया जाएगा।इन सवालों के नहीं मिले जवाब
- जो जूनियर शिक्षक TET नहीं कर सके है, उनका क्या होगा ?
- क्या प्रमोशन पाकर जूनियर शिक्षको को डिमोट कर दिया जाएगा?
- आरटीई लागू होने के बाद विभाग ने खुद प्रमोशन किया तो इसके लिए शिक्षक कैसे जिम्मेदार हैं?
- आगे इस तरह के प्रमोशन किए जाएंगे या नहीं ?
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इसका मतलब क्या है
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जूनियर शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यदि उन्हें रिवर्ट किया जाता है, तो इसका सीधा असर उनके करियर और परिवार पर पड़ेगा। यह मामला शिक्षा विभाग की नीतियों और शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है, इसलिए विभाग को जल्द से जल्द स्थिति साफ करनी चाहिए।
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