होम›फैसले›हिमाचल में शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, टीईटी अब पदोन्नति में बाधा नहीं
फैसले

हिमाचल में शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, टीईटी अब पदोन्नति में बाधा नहीं

हिमाचल में लंबित शिक्षक पदोन्नतियों में अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) बाधा नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार टेट केवल उन पदों पर लगाया जाएगा जहां आर एंड पी नियमों में अनिवार्य है।

29 जून 2026 को 03:24 pm बजे
हिमाचल में शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, टीईटी अब पदोन्नति में बाधा नहीं

सौजन्य से:- Jagran

हिमाचल में शिक्षकों के प्रमोशन में बाधा नहीं बनेगा TET, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश

हिमाचल में लंबित शिक्षक पदोन्नतियों में टीईटी बाधा नहीं बनेगा, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार यह केवल उन्हीं पदों पर लागू होगा जहां आर एंड पी नियमो ...और पढ़ें

HighLights

- टीईटी लंबित पदोन्नतियों में बाधा नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने किया स्पष्ट

- टीईटी केवल उन्हीं पदों पर लागू, जहां नियमों में अनिवार्य है

- शिक्षकों ने 749 टीजीटी, 600 हेडमास्टर, 560 जेबीटी पदोन्नति की मांग

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल में लंबित पदोन्नतियों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की कोई बाधा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा टेट यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े निर्णय में इसे मौजूदा भर्ती पदोन्नति नियमों के अनुसार ही लगाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सरकार 749 टीजीटी को प्रवक्ता, 600 टीजीटी को हेडमास्टर, 560 जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों को टीजीटी प्रमोट करे। राजकीय टीजीटी कला संघ प्रदेश महासचिव विजय हीर ने राज्य सरकार से मांग की है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (आर एंड पी रूल्स) में टीईटी केवल उन शिक्षकीय वर्गों के लिए अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित है, जिनमें विशेष शिक्षक, जेबीटी, टीजीटी (आर्ट्स), टीजीटी (मेडिकल), टीजीटी (नॉन-मेडिकल), टीजीटी (हिंदी), टीजीटी (संस्कृत), टीजीटी (पंजाबी) तथा टीजीटी (उर्दू) शामिल हैं।

हेड टीचर, हेडमास्टर, प्रिंसिपल, बीईईओ, सीएचटी, ड्राइंग मास्टर, पीईटी, डीपीई, कंप्यूटर शिक्षक, प्रवक्ता (लेक्चरर) एवं अन्य अनेक पदों के लिए वर्तमान आर एंड पी नियमों में टीईटी अनिवार्य योग्यता के रूप में निर्धारित नहीं है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का निर्णय उन्हीं पदों एवं श्रेणियों पर लागू होगा, जहां संबंधित नियमों में टीईटी को आवश्यक योग्यता के रूप में अधिसूचित किया गया है।

किसी भी पद के लिए बिना नियम संशोधन के केवल न्यायालय के निर्णय के आधार पर टीईटी की नई अनिवार्यता नहीं जोड़ी जा सकती। राज्य सरकार इस फैसले का विधिक अध्ययन करे और पदोन्नति बारे विधिक प्रकोष्ठ से स्पष्टीकरण जारी करे। इससे हजारों सेवारत शिक्षकों को राहत मिलेगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की
फैसले

देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
फैसले

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान
फैसले

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई
फैसले

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल
फैसले

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को
फैसले

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की
फैसले

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश

ताज़ा ख़बरें