उन्नाव में राष्ट्रीय लोक अदालत ने बैंक ऋण से लेकर पानी‑बिजली तक कई विवादों का आपसी समाधान
शनिवार को उन्नाव के जिला न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने बैंक ऋण, बिजली‑पानी, श्रम, मोटर दुर्घटना मुआवजा, चेक बाउंस, राजस्व और छोटे आपराधिक मामलों सहित विभिन्न प्री‑लिटिगेशन मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निपटा। न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने पक्षकारों को सहमति‑आधारित निपटारा अपनाने की जानकारी दी, जिससे लंबी मुकदमेबाजी से बचाव और कोर्ट फीस व समय की बचत सम्भव हुई। इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों की जीत‑हार से अधिक समझौता पर जोर दिया गया, और लोगों को लोक अदालत के फायदों के बारे में जागरूक किया गया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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उन्नाव में राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे कई मामले:बैंक ऋण, बिजली, पानी; पारिवारिक विवाद समेत कई प्रकरणों का हुआ समाधान
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उन्नाव जिले में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय परिसर समेत विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी सुलह-समझौते के आधार पर समाधान किया गया। सुबह से ही अपने मामलों के निपटारे के लिए पक्षकार न्यायालय परिसर पहुंचने लगे थे।
लोक अदालत में न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला न्यायालय परिसर में सीजेएम भव्या तिवारी और सीओ सिटी विनी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित काउंटरों और अदालतों में पहुंचकर मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया देखी और पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद खत्म करने की जानकारी दी।
लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी गई, जिनका दोनों पक्षों की सहमति से आसानी से समाधान संभव था। बैंक ऋण, बिजली-पानी, श्रम विवाद, मोटर दुर्घटना मुआवजा, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, राजस्व और छोटे आपराधिक मामलों को निस्तारण के लिए रखा गया। संबंधित विभागों और अदालतों ने पहले से चिन्हित मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत किया।
आपसी सहमति से विवाद खत्म, लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान किया जाता है। इससे लोगों को लंबे समय तक मुकदमे की प्रक्रिया में रहने से राहत मिलती है। साथ ही समय और धन दोनों की बचत होती है। जिन मामलों का लोक अदालत में समाधान हो जाता है, उनमें नियमानुसार कोर्ट फीस की भी बचत होती है।
बैंक और विभागों ने लगाए काउंटर, प्री-लिटिगेशन मामलों पर भी जोर
प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण के लिए बैंकों और अन्य विभागों की ओर से अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। यहां संबंधित मामलों से जुड़े लोगों को समझौते की प्रक्रिया और जरूरी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान कराने का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
जीत-हार नहीं, दोनों पक्षों की सहमति पर जोर
न्यायिक अधिकारियों के मुताबिक लोक अदालत का उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से जल्द और कम खर्च में सुलझाना है। इसमें किसी एक पक्ष की जीत या हार के बजाय दोनों पक्षों की सहमति को प्राथमिकता दी जाती है। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय रहे।
जल्द समाधान के लिए लोगों को किया गया जागरूक
अधिकारियों ने लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया और इसके फायदे बताए। साथ ही पात्र पक्षकारों से अपील की गई कि वे आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराकर समय और खर्च बचाएं। लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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