नागरिकता नियम के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला: जन्म के आधार पर नागरिकता बरकरार, ट्रंप के खात्मे
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नागरिकता के सिद्धांत को बदलने की कोशिशों पर पानी फिर गया। ट्रंप ने हालांकि कहा कि वे इस पर कानून लाने और कांग्रेस के जरिए इसे बदलने के लिए तैयार हैं।

सौजन्य से:- Jagran
नागरिकता नियम पर US सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को लगा झटका, राष्ट्रपति बोले- कानून ला सकते हैं
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा है। इससे ट्रंप की नागरिकता नियमों को बदलने की कोशिशों को झटका लगा है। ...और पढ़ें
HighLights
- US सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता का सिद्धांत बरकरार रखा।
- राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप नागरिकता नियमों को बदलना चाहते थे।
- कोर्ट के फैसले से ट्रंप की कोशिशें नाकाम।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) के सिद्धांत को बरकरार रखने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह अमेरिका के लिए 'बहुत बुरा' है। हालांकि, उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि वे इस पर कानून लाने और कांग्रेस के जरिए इसे बदलने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है, लेकिन हम राष्ट्रपति के समर्थन से कानून के जरिए इसे आसानी से बदल सकते हैं, जैसा कि इस प्रक्रिया के दौरान तय हुआ है। इसके लिए किसी लंबे और जटिल संवैधानिक संशोधन की जरूरत नहीं है। कांग्रेस को आज ही हमारे देश के लिए महंगी और अनुचित 'जन्म के आधार पर नागरिकता' को खत्म करने पर काम शुरू कर देना चाहिए। उन्हें मेरा पूरा समर्थन मिलेगा।
बता दें कि अमेरिका की नागरिकता को लेकर US सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा है, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नागरिकता के सिद्धांत को बदलने की कोशिशों पर पानी फिर गया है।
डोनल्ड ट्रंप जन्म के समय अमेरिकी नागरिक माने जाने के नियमों को बदलना चाहते थे, लेकिन US सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति को झटका लगा है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के फैसले को किया खारिज
US सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार, 30 जून को ट्रंप के उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को खारिज कर दिया, जिसमें उन बच्चों को नागरिकता देने से इनकार करने की बात कही गई थी जो अमेरिका में ऐसे माता-पिता से पैदा हुए हैं जो देश में गैर-कानूनी तरीके से या अस्थायी तौर पर रह रहे हैं।
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कोर्ट ने कार्यकाल के आखिरी दिन 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले लगभग सभी लोगों को अमेरिकी नागरिकता का अधिकार मिलना चाहिए।
कोर्ट के इस फैसले से 14वें संशोधन की लंबे समय से चली आ रही कानूनी व्याख्या बरकरार रहेगी, जो ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी धरती पर पैदा होने वालों को नागरिकता की गारंटी देती है।
कैसे साबित होगी अमेरिका की नागरिकता?
अमेरिकी नागरिकता से जुड़ी धारा में व्यापक रूप से लिखा है, 'अमेरिका में पैदा हुए या नेचुरलाइज्ड (नागरिकता पाने वाले) सभी लोग, और जो इसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, वे अमेरिका और उस राज्य के नागरिक हैं जहां वे रहते हैं।'
ट्रंप प्रशासन ने तर्क दिया था कि नागरिकता के बारे में व्यापक रूप से मानी जाने वाली बात गलत है। अधिकारियों का दावा था कि गैर-नागरिकों के बच्चे अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं और इसलिए वे नागरिकता के हकदार नहीं हैं।
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