तेलंगाना ने चुनौती देने को तैयार VB-G RAM G योजना को लागू करेगा, जानें क्यों
तेलंगाना कैबिनेट ने नई ग्रामीण रोजगार योजना 'VB-G RAM G' को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने इसे लागू करने का फैसला लिया है, लेकिन राज्य सरकार इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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VB-G RAM G योजना लागू करेगा तेलंगाना: लेकिन सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी रेवंत सरकार, जानें क्या है मामला
Fri, 03 Jul 2026 02:22 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 03 Jul 2026 02:22 AM IST
सार
तेलंगाना कैबिनेट ने नई ग्रामीण रोजगार योजना 'VB-G RAM G' को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। इसके साथ ही बैठक में छात्रों और शिक्षकों के लिए मुफ्त भोजन, मूसी रिवरफ्रंट विकास और अस्पतालों में 6,278 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
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विस्तार
तेलंगाना कैबिनेट ने गुरुवार को एक अहम बैठक की। इसमें केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना 'VB-G RAM G' को लागू करने का फैसला लिया गया। यह योजना मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाई गई है। हालांकि, राज्य सरकार इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। सूचना और जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि केंद्र ने राज्यों और श्रमिकों के विरोध के बावजूद इसे एकतरफा लागू किया है।
राज्य के अधिकारों की रक्षा और योजना की शर्तें
मंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाना जरूरी है। तेलंगाना विधानसभा ने जनवरी में ही मनरेगा को बदलने के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। नई योजना 'VB-G RAM G' एक जुलाई 2025 से पूरे देश में लागू हुई है। इसमें ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। लेकिन इस योजना में होने वाले खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को उठाना होगा। राज्य सरकार ने कहा कि उनके पास इसे स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था, इसलिए इसे लागू किया जा रहा है।
छात्रों और शिक्षकों के लिए मुफ्त भोजन
कैबिनेट ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। अब कक्षा 12 तक के सभी छात्रों को दोपहर का भोजन, नाश्ता और दूध दिया जाएगा। खास बात यह है कि छात्रों के साथ-साथ करीब 1.50 लाख शिक्षकों, लेक्चरर और अन्य स्टाफ सदस्यों को भी मुफ्त भोजन, नाश्ता और दूध मिलेगा।
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मूसी रिवरफ्रंट और बुनियादी ढांचा
बैठक में मूसी रिवरफ्रंट विकास के पहले चरण को मंजूरी दी गई। इसके तहत 21 किलोमीटर के हिस्से को 7,345 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इससे नदी के किनारे रहने वाले लोगों को फायदा होगा। साथ ही नदी के दोनों किनारों के विकास से शहर में यातायात की सुविधा भी बेहतर होगी।
ये भी पढ़ें: Amarnath Yatra: जम्मू से पहला जत्था रवाना, अमरेश्वर धाम की ओर बढ़े श्रद्धालु; आज करेंगे महादेव के दर्शन
अस्पतालों में भर्ती और अन्य विकास कार्य
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सनतनगर, एलबी नगर और अलवाल में 'तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (TIMS) के निर्माण को जल्द पूरा करने का संकल्प लिया गया। साथ ही वारंगल में सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का काम भी तेज किया जाएगा। इन अस्पतालों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 6,278 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने वारंगल जिले में 50 एकड़ जमीन पर बड़े गोदाम बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा जगतियाल जिले में केंद्रीय विद्यालय और अन्य सरकारी संगठनों के लिए जमीन आवंटन को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों से राज्य में रोजगार और सुविधाओं में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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राज्य के अधिकारों की रक्षा और योजना की शर्तें
मंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाना जरूरी है। तेलंगाना विधानसभा ने जनवरी में ही मनरेगा को बदलने के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। नई योजना 'VB-G RAM G' एक जुलाई 2025 से पूरे देश में लागू हुई है। इसमें ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। लेकिन इस योजना में होने वाले खर्च का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को उठाना होगा। राज्य सरकार ने कहा कि उनके पास इसे स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था, इसलिए इसे लागू किया जा रहा है।
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छात्रों और शिक्षकों के लिए मुफ्त भोजन
कैबिनेट ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। अब कक्षा 12 तक के सभी छात्रों को दोपहर का भोजन, नाश्ता और दूध दिया जाएगा। खास बात यह है कि छात्रों के साथ-साथ करीब 1.50 लाख शिक्षकों, लेक्चरर और अन्य स्टाफ सदस्यों को भी मुफ्त भोजन, नाश्ता और दूध मिलेगा।
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मूसी रिवरफ्रंट और बुनियादी ढांचा
बैठक में मूसी रिवरफ्रंट विकास के पहले चरण को मंजूरी दी गई। इसके तहत 21 किलोमीटर के हिस्से को 7,345 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इससे नदी के किनारे रहने वाले लोगों को फायदा होगा। साथ ही नदी के दोनों किनारों के विकास से शहर में यातायात की सुविधा भी बेहतर होगी।
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अस्पतालों में भर्ती और अन्य विकास कार्य
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सनतनगर, एलबी नगर और अलवाल में 'तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (TIMS) के निर्माण को जल्द पूरा करने का संकल्प लिया गया। साथ ही वारंगल में सरकारी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का काम भी तेज किया जाएगा। इन अस्पतालों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 6,278 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट ने वारंगल जिले में 50 एकड़ जमीन पर बड़े गोदाम बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा जगतियाल जिले में केंद्रीय विद्यालय और अन्य सरकारी संगठनों के लिए जमीन आवंटन को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों से राज्य में रोजगार और सुविधाओं में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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