ई-पेपर

बुधवार, 3 जून 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
बुधवार, 3 जून 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: लोक सेवक रिश्वत मांगे तो दायित्व आकर्षित करने के लिए सीधी मांग नहीं होनी चाहिए

Live Law के अनुसार · 24x7 NYAYA
सुप्रीम कोर्ट ने कहा: लोक सेवक रिश्वत मांगे तो दायित्व आकर्षित करने के लिए सीधी मांग नहीं होनी चाहिए
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी लोक सेवक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दायित्व आकर्षित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से रिश्वत मांगने या प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

अपराध

राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना पड़ेगा, कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं

राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना पड़ेगा, कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना होगा, कानून विशेषज्ञ का कहना है कि कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं है.

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

अपराध

व्हाट्सएप पर फेक न्यूज फैलाने का खमियाजा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक व्यक्ति के खिलाफ साइबर क्राइम के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसने व्हाट्सएप पर भ्रामक जानकारी साझा की। यह घटना सामाजिक मीडिया पर सावधानी बरतने की आवश्यकता को दर्शाती है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

मुकदमे

फैमिली कोर्ट में तलाक और गुजारा भत्ता की सुनवाई

प्रयागराज में एक फैमिली कोर्ट में तलाक और गुजारा भत्ता को लेकर एक मामले की सुनवाई हुई। पत्नी मानसिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही है जिसके कारण वह अपने और बच्चों के भरण-पोषण के लिए मासिक गुजारा भत्ता मांग रहीं हैं।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7