सुप्रीम कोर्ट ने कहा: लोक सेवक रिश्वत मांगे तो दायित्व आकर्षित करने के लिए सीधी मांग नहीं होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी लोक सेवक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दायित्व आकर्षित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से रिश्वत मांगने या प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

