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अपराध

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीपीएम नेता लहेक अली को तत्काल सुनवाई से इनकार किया

The Times of India के अनुसार · 24x7 NYAYA
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीपीएम नेता लहेक अली को तत्काल सुनवाई से इनकार किया
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीपीएम नेता लहेक अली को तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। साथ ही, HC ने अभिषेक को 15 जुलाई को वॉयस सैंपल कलेक्शन के लिए पेश होने का निर्देश दिया है।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

कानून

बिजली विभाग की भूलें को मिली अदालत की फटकार!

बिजली विभाग की भूलें को मिली अदालत की फटकार!

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थायी लोक अदालत ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और विच्छेदन से जुड़े मामले में सहमति से दोनों पक्षों की सहमति से विवादित दो कनेक्शनों का निस्तारण किया।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

मुकदमे

वन अधिकार कानून: ग्रामीणों ने जल्द निष्पादन की मांगी मांग की, असंतोष बढ़ता जा रहा है

लातेहार के संयुक्त ग्राम सभा मंच ने वन अधिकार कानून के लंबित दावों के जल्द निष्पादन की मांग की। इसमें नियमित समीक्षा और बैठकें आयोजित करने की भी अपील की।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

हाई कोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कर्मचारी को ₹1 लाख देने के निर्देश दिए, अवैध बर्खास्तगी के लिए निर्देशित

दिल्ली उच्च न्यायालय ने श्रम न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए एसबीआई को एक कर्मचारी को अवैध बर्खास्तगी के लिए ₹1 लाख का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

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