सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए एक नई चुनौती पेश की है: सीजेपी

सीजेपी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश उनकी मांगों के विपरीत है, जबकि सरकार ने आश्वासन दिया था कि छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

