सुप्रीम कोर्ट ने जीवन भर के लिए विकलांग हुए शिशु को 83 लाख का मुआवजा दिया

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में पुरस्कार का आदेश दिया, जिसमें एक बच्चे की जीवन भर के लिए विकलांगता हो गई थी। अदालत ने भविष्य प्रभाव पर विचार करते हुए मुआवजे का निर्णय लिया।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

