याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, नियामक उस संस्थान को नहीं चला सकता जिसकी वह देखरेख करता है

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, नियामक उस संस्थान को नहीं चला सकता जिसकी वह देखरेख करता है अदालत पूर्व नौकरशाह ईएएस सरमा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी…
कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

