डूंगरपुर में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,060 मामलों का राजीनामे‑आधारित निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 10 अक्टूबर को डूंगरपुर में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की, जिसमें 1,060 से अधिक मामलों को पक्षकारों की आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। मोटर दुर्घटना, चेक बाउंस और पारिवारिक विवाद जैसे मामलों को राजीनामे के जरिए हल करने का निर्देश दिया गया, जबकि तलाक के मामले शामिल नहीं हैं। न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने बताया कि इस प्रक्रिया में कोर्ट फीस वापस मिलती है और निपटाए गए मामलों पर कोई अपील नहीं की जा सकती।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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डूंगरपुर में 10 अक्टूबर को 1060 मामलों का होगा निपटारा:तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामे से होगा निस्तारण
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डूंगरपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण 10 अक्टूबर को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाएगा। इसमें 1 हजार से ज्यादा मामलों को रखा जाएगा। इन मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा, जिससे लोगों को आसानी से न्याय मिल सके।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत 10 अक्टूबर को होगी। इसे सफल बनाने के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई है। जिला मुख्यालय और तालुका स्तर पर अब तक कुल 1 हजार 60 मामले चुने गए हैं।
लोक अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट के लंबित मामलों के लिए नोटिस जारी करने की स्थिति जांची गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, चेक अनादरण और पारिवारिक मामलों में भी ज्यादा से ज्यादा केस राजीनामे से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, तलाक से जुड़े मामलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने यह भी बताया कि लोक अदालत में निपटाए गए मामलों के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। साथ ही, जमा की गई कोर्ट फीस भी पक्षकारों को वापस मिल जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने राजीनामा योग्य लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालत के जरिए कराएं।
इस बैठक में पारिवारिक न्यायाधीश नीतू आर्य, एडीजे प्रवीण कुमार, एडीजे सुनीता नसवारिया समेत जिला मुख्यालय और तालुका स्तर के न्यायिक अधिकारी मौजूद थे। डीएलएसए सचिव किरण कुमार चौहान भी बैठक में शामिल हुए।
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