चंडीगढ़ जिला अदालत में 10 नए कोर्ट रूम के साथ नया कोर्ट काॅम्प्लेक्स का निर्माण
चंडीगढ़ जिला अदालत में वकीलों की पुरानी पार्किंग स्थल पर नया कोर्ट काॅम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जिसमें 10 नए कोर्ट रूम और रिकॉर्ड रूम होंगे, इस निर्माण से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

सौजन्य से:- Jagran
चंडीगढ़ जिला अदालत में बनेगा नया कोर्ट काॅम्प्लेक्स, 10 नए कोर्ट रूम भी होंगे तैयार; लंबित केस निपटाने में आएगी तेजी
चंडीगढ़ जिला अदालत में वकीलों की पुरानी पार्किंग की जगह नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनेगा, जिसमें 10 नए कोर्ट रूम और रिकॉर्ड रूम होंगे। नई मल्टीलेवल पार्किं ...और पढ़ें
HighLights
- वकीलों की पुरानी पार्किंग वाली जगह होगी खाली।
- 10 नए कोर्ट रूम से लंबित मामले निपटेंगे।
- सीजेआई करेंगे नई पार्किंग का उद्घाटन।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में जल्द ही नए कोर्ट काॅम्प्लेक्स का रास्ता साफ हो जाएगा। यहां वकीलों की मौजूदा पार्किंग पर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी जहां 10 नए कोर्ट रूम भी बनाए जाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा यहां कई स्पेशल कोर्ट और रिकाॅर्ड रूम भी बनेगा। इसके साथ ही जिला अदालत में बढ़ते मामलों के निपटारे के लिए अतिरिक्त न्यायिक ढांचा उपलब्ध हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट कई साल से लंबित पड़ा है।
वर्ष 2013 में जिला अदालत को सेक्टर-17 से सेक्टर-43 शिफ्ट कर दिया था। मौजूदा परिसर में नए कोर्ट कांप्लेक्स का भी प्रस्ताव था, लेकिन वहां वकीलों के लिए पार्किंग बना दी गई थी।
अब जिला अदालत और चंडीगढ़ ज्यूडिशियल अकादमी के बीच करीब साढ़े चार एकड़ क्षेत्र में 1500 वाहनों की क्षमता वाली नई मल्टीलेवल पार्किंग बनकर तैयार हो गई है। 18 जुलाई को भारत के चीफ जस्टिस आफ इंडिया (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत इसका उद्घाटन करेंगे।
इसके बाद वकीलों की गाड़ियां नई पार्किंग में शिफ्ट हो जाएगी। ऐसे में कोर्ट परिसर में जहां वकील अपनी गाड़ियां खड़ी करते हैं, वह जगह खाली हो जाएगी। उसी जगह नया कोर्ट कांप्लेक्स बनाने का प्रस्ताव है जिस पर जल्द ही प्रशासन काम शुरू कर सकता है।
अदालत में पेंडेंसी होगी खत्म
नए कोर्ट रूम बनने से जिला अदालत में वर्षों से महसूस की जा रही कोर्ट रूम की कमी काफी हद तक दूर होगी। इस समय चंडीगढ़ जिला अदालत में 30 कोर्ट हैं, फिर भी यहां कई मामले वर्षों से लंबित हैं। इस समय जिला अदालत में एक लाख से ज्यादा केस लंबित हैं जिनमें 75 हजार से ज्यादा क्रिमिनल और करीब 24 हजार सिविल केस हैं।
खबरें और भी
नए कोर्ट बनने से लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आएगी। यहां कुछ स्पेशल कोर्ट भी बन सकते हैं। इसके अलावा नए कोर्ट कांप्लेक्स में रिकॉर्ड रूम भी बनेगा। अभी जिला अदालत का जो रिकॉर्ड रूम है वहां नई फाइलों की जगह नहीं बची है। इस कारण प्राइवेट जगह लेकर नया रिकॉर्ड वहां रखा जा रहा है। इसके लिए अदालत को हर महीने लाखों रुपये किराए के रूप में भी देने पड़ते हैं।
पार्किंग की समस्या होगी खत्म
करीब चार साल पहले यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने इस मल्टीलेवल पार्किंग के प्रोजेक्ट को शुरू किया था। जिला अदालत में रोजाना हजारों लोग आते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में वकील भी यहां काम करने के लिए आते हैं।
वकीलों के लिए जिला अदालत परिसर में पार्किंग बनी है, लेकिन उसकी क्षमता काफी कम है। इस कारण आम लोगों के साथ-साथ वकीलों को भी पार्किंग के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। अदालत के बाहर और बस स्टैंड के पास भी गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिस कारण यहां अक्सर ट्रैफिक जाम भी रहता है।
पार्किंग कौन चलाएगा यह तय नहीं
इस पार्किंग को कौन चलाएगा, यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। यूटी प्रशासन के साथ-साथ जिला बार एसोसिएशन को भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं, बार एसोसिएशन का कहना है कि इस पार्किंग पर पहला हक वकीलों का होगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक चौहान का कहना है कि वकीलों ने 13 साल पार्किंग के लिए संघर्ष किया है। इसलिए यह पार्किंग वकीलों के लिए ही होगी।
यह सुविधाएं मिलेंगी
- 1500 के करीब गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी
- बेसमेंट समेत चार मंजिलों पर खड़ी हो सकेंगी गाड़ियां
- 80 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण
- 30 जुलाई 2022 को गृहमंत्री अमित शाह ने किया था शिलान्यास
- साढ़े चार एकड़ में बनी पार्किंग
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
ताज़ा ख़बरें
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ
- पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
- सुप्रीम कोर्ट ने अडानी-राजस्थान पावर विवाद में फिर किया फेरबदल, पूर्व जज की जगह दूसरे जज को बनाया आर्बिट्रेटर

