अदाणी ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी जीत! कर्नाटक की बिजली कंपनियों को लगा तगड़ा झटका; ₹1005 करोड़ का है मामला - adani power wins 1005cr supreme court case against karnataka discoms
अदाणी ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी जीत! कर्नाटक की बिजली कंपनियों को लगा तगड़ा झटका; ₹1005 करोड़ का है मामला सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी पावर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों की ₹1005 करोड़…

सौजन्य से:- Jagran
अदाणी ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी जीत! कर्नाटक की बिजली कंपनियों को लगा तगड़ा झटका; ₹1005 करोड़ का है मामला
सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी पावर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों की ₹1005 करोड़ के बकाया इनवॉइस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी पावर के पक्ष में सुनाया फैसला।
- कर्नाटक की डिस्कॉम्स की याचिका हुई खारिज।
- अदाणी पावर को मिलेंगे ₹1005 करोड़ बकाया।
नई दिल्ली: उद्योगपति गौतम अदाणी की कंपनी "अदाणी पावर" (Adani power) को देश की सर्वोच्च अदालत से एक बहुत बड़ी और अहम कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की राज्य बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अदाणी पावर के करोड़ों रुपये के बकाया इनवॉइस (invoices) को चुनौती दी थी।
यह पूरा विवाद लगभग ₹1005 करोड़ के बकाया भुगतान और लेट पेमेंट सरचार्ज (Late Payment Surcharge) से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कर्नाटक सरकार की बिजली कंपनियों को बड़ा झटका लगा है, जबकि अदाणी पावर के लिए यह बड़ी वित्तीय जीत है।
क्या ₹1005 करोड़ का मामला?
यह विवाद अदाणी पावर की सहायक कंपनी उडुपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) और कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs - जैसे BESCOM, MESCOM आदि) के बीच बिजली खरीद समझौते (Power Purchase Agreement - PPA) को लेकर था।
बता दें कि अदाणी पावर की कंपनी UPCL कर्नाटक राज्य को बिजली की सप्लाई करती है। कंपनी ने समझौते के तहत बिजली सप्लाई के बिल (Invoices) कर्नाटक की बिजली कंपनियों को भेजे थे। कर्नाटक की बिजली कंपनियों ने इन बिलों के एक बड़े हिस्से (जिसमें मूल बकाया और लेट पेमेंट पर लगने वाला ब्याज/सरचार्ज शामिल था) का भुगतान करने से इनकार कर दिया था। उनका तर्क था कि बिलों की गणना सही तरीके से नहीं की गई है। जब भुगतान नहीं हुआ, तो यह मामला बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में गया, जहां फैसला अदाणी पावर के पक्ष में आया। इसके बाद कर्नाटक की बिजली कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कर्नाटक की डिस्कॉम (DISCOMs) कंपनियों द्वारा दायर की गई अपील पर सुनवाई करने के बाद उसे खारिज कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि अदाणी पावर द्वारा पेश किए गए इनवॉइस (बिलों) और लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS) की मांग पूरी तरह से कानूनी और बिजली खरीद समझौते (PPA) के नियमों के दायरे में है। कोर्ट ने माना कि बिजली कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर समय पर पैसा चुकाना चाहिए था और देरी होने पर जुर्माना (LPS) देना उनका दायित्व है।
इस फैसले का असर क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी के बाद अदाणी पावर का फंसा हुआ ₹1005 करोड़ का बड़ा फंड वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे कंपनी की बैलेंस शीट और कैश फ्लो में बड़ी मजबूती आएगी। दूसरी तरफ, आर्थिक तंगी से जूझ रही कर्नाटक की राज्य बिजली कंपनियों को अब मजबूरन इस भारी-भरकम राशि का भुगतान अदाणी पावर को करना ही होगा।
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