मोगा में विशेष लोक अदालत: समझौते से 116 मामले निपटे, 5.67 करोड़ का अवार्ड पारित
मोगा जिले में आयोजित विशेष लोक अदालत में 116 मामलों का समझौते से निपटारा हुआ और 5.67 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित किए गए। यह लोक अदालत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों में आयोजित हुई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मोगा में आज विशेष लोक अदालत:116 मामलों का समझौते से निपटारा, 5.67 करोड़ रुपए के अवार्ड पारित हुए
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मोगा जिले के साथ-साथ उपमंडल बाघापुराना और निहाल सिंह वाला में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 116 लंबित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया, जिसके परिणामस्व
यह विशेष लोक अदालत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा के दिशा-निर्देशों में आयोजित हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, मोगा की चेयरपर्सन नीलम अरोड़ा ने इसका नेतृत्व किया।
5 बेंच गठित हुए थे
सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव सिमरन सिंह ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत के लिए कुल 5 बेंच गठित किए गए थे। इनमें से 3 बेंच मोगा में, जबकि 1-1 बेंच बाघापुराना और निहाल सिंह वाला में स्थापित किए गए। इन विभिन्न बेंचों में कुल 718 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे।
सिमरन सिंह के अनुसार, सुनवाई के लिए रखे गए 718 मामलों में से 116 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। संबंधित पक्षों के पक्ष में कुल 5,67,25,680 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
सिमरन सिंह ने लोक अदालतों को आम लोगों को त्वरित, सरल और कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इन अदालतों में समझौते के जरिए विवाद समाप्त होने से आपसी भाईचारा बढ़ता है और समय तथा धन दोनों की बचत होती है। लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के मामलों के लिए अगली विशेष लोक अदालत 21 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन लोक अदालतों का लाभ उठाएं।
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