राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण नियमों पर मांगा जवाब
राजस्थान हाईकोर्ट ने पहाड़ी क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास से जुड़े नियमों को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र के मानकीकृत विकास एवं भवन विनियम, 2023 को राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में लागू करने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

सौजन्य से:- bhaskar.com
- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Jodhpur
- Rajasthan High Court Seeks Government Response On Hilly Area Building Rules
हाईकोर्ट ने पहाड़ी-क्षेत्रों में निर्माण के नियमों को लेकर मांगा-जवाब:कहा- केंद्र के नियमों को लागू करने पर सरकार ने क्या कदम उठाए, 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
- कॉपी लिंक
राजस्थान हाईकोर्ट ने पहाड़ी क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास से जुड़े नियमों को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र के मानकीकृत विकास एवं भवन विनियम, 2023 को राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में लागू करने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह निर्देश दिए। खंडपीठ झील संरक्षण समिति, बसंत होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स की तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने वर्ष 2023 में मानकीकृत विकास एवं भवन निर्माण नियम जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य देशभर में भवन निर्माण से जुड़े नियमों में समानता लाना और नियामक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
मामले को लेकर 18 अगस्त को होगी सुनवाई
कोर्ट को यह भी बताया गया कि इन नियमों में पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों जैसी विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए भी प्रावधान हैं। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार न्यूनतम बदलाव के साथ इन नियमों को अपनाने का आग्रह किया है।
खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाले शहरों के संबंध में इन नियमों को अपनाने और उनमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव करने को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी अगली सुनवाई में पेश की जाए। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को जवाब और शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को होगी।
- शहर में कल तीन घंटे तक नहीं आएगी बिजली: लाइनों के मेंटेनेंस के चलते रहेगा पावरकट; ये इलाके होंगे प्रभावित
- बच्चों को मोबाइल से दूर रख उनकी मासूमियत जिंदा रखें: जया किशोरी बोलीं- फैलियर आपको ये बताता है कि अगली बार क्या नहीं करना है
- जोजरी-बांडी-लूणी नदी प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनेगा रिवर कमीशन; नदी कॉरिडोर में नए निर्माणों पर रोक
- जोधपुर में स्कूली बच्चों को दी CPR की ट्रेनिंग: कल से मेडिकल कॉलेज में शुरू होगा नेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम; पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
ताज़ा ख़बरें
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ
- पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
- सुप्रीम कोर्ट ने अडानी-राजस्थान पावर विवाद में फिर किया फेरबदल, पूर्व जज की जगह दूसरे जज को बनाया आर्बिट्रेटर

