होमवकीलनिर्माण में ढील, दिल्ली की नई अदालतें कब तक तैयार होंगी?
वकील

निर्माण में ढील, दिल्ली की नई अदालतें कब तक तैयार होंगी?

दिल्ली में शास्त्री पार्क, रोहिणी और कड़कड़डूमा में नए अदालत भवनों का निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है, जो ढाई साल में केवल 20% पूरा हुआ है। जजों और वकीलों को नए और बेहतर सुविधाओं के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

5 अगस्त 2026 को 12:15 am बजे
निर्माण में ढील, दिल्ली की नई अदालतें कब तक तैयार होंगी?

सौजन्य से:- Jagran

दिल्ली की नई अदालतों का निर्माण सुस्त, ढाई साल में सिर्फ 20% काम; जजों-वकीलों को अभी करना होगा इंतजार

दिल्ली में शास्त्री पार्क, रोहिणी और कड़कड़डूमा में बन रही नई अदालत इमारतों का निर्माण कार्य ढाई साल बाद भी केवल 20% पूरा हुआ है। इससे जजों और वकीलों ...और पढ़ें

HighLights

- नई अदालत इमारतों का निर्माण कार्य 20% ही पूरा।

- शास्त्री पार्क, रोहिणी, कड़कड़डूमा में बन रही इमारतें।

- दिसंबर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य संदिग्ध।

वी के शुक्ला, नई दिल्ली। राजधानी की अदालतों में कोर्ट रूम और वकीलों के चैंबर की कमी जल्द दूर होती नहीं दिख रही है। शास्त्री पार्क, रोहिणी और

कड़कड़डूमा में बन रही बहुमंजिला अदालत इमारतों का निर्माण कार्य शुरू होने के करीब ढाई वर्ष बाद भी केवल 20 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।

करीब 600 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य अदालतों में बढ़ते मामलों के अनुरूप आधुनिक न्यायिक ढांचा उपलब्ध कराना है। नई इमारतों में अतिरिक्त कोर्ट रूम, वकीलों के चैंबर की व्यवस्था, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जानी हैं।

समयसीमा पर काम पूरा होना मुश्किल

परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक की प्रगति को देखते हुए तय समयसीमा के भीतर काम पूरा होने पर संशय बना हुआ है। इसे लेकर जज भी इस अोर सरकार का ध्यान आकृष्ट करा चुके हैं।

सूत्रों का कहना है कि गत दिनों मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन इमारतों की कार्य प्रगति को लेकर बैठक ली है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में काम में तेजी आने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व की सरकार द्वारा फंड समय पर नहीं देने से काम में देरी हुई है।

दिल्ली में न्यायिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में शास्त्री पार्क, राेहिणी और कड़कड़डूमा में नई अदालत इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का शिलान्यास 2024 को तत्कालीन भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने किया था।

खबरें और भी

इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जा रहा है।

दिल्ली में नई जिला अदालतों का निर्माण: प्रमुख जानकारी

यह भी पढ़ें- No इंश्योरेंस-No फ्यूल: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश

यह भी पढ़ें- पर्यावरण मुआवजे के लिए सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्देश, केंद्र सरकार बनाएगी एक समान नियम

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर
वकील

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव
वकील

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति
वकील

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
वकील

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव
वकील

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
वकील

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
वकील

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
वकील

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान

ताज़ा ख़बरें