आदिवासी उच्च विद्यालय में मिली 200 विद्यार्थियों को कानून की जानकारी
आदिवासी उच्च विद्यालय में मिली 200 विद्यार्थियों को कानून की जानकारी जमशेदपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लगभग 200 विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और कल्याणकारी…

सौजन्य से:- Hindustan
आदिवासी उच्च विद्यालय में मिली 200 विद्यार्थियों को कानून की जानकारी
जमशेदपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लगभग 200 विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने बाल विवाह, बाल श्रम और घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों पर जागरूक किया और कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
जमशेदपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से गुरुवार को बोड़ाम प्रखंड स्थित आदिवासी उच्च विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा नौवीं और दसवीं के करीब 200 विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। बोड़ाम के पीएलवी निताई चंद्र गोराई ने विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लीगल एड डिफेंस कौंसिल की सदस्य योगिता कुमारी ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, पोक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, नशा उन्मूलन, डायन प्रथा, घरेलू हिंसा और पीड़ित मुआवजा योजना समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी तरह के शोषण या अपराध की स्थिति में तत्काल उचित कानूनी सहायता लेने की अपील की।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जमानत में न्यायाधीश नहीं थोप सकते निजी नैतिकता
- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक ऊर्जा मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार शिकायत को खारिज करने वाले हाई कोर्ट आदेश को बरकरार रखा, भाजपा MLA की अपील खारिज
- उच्च न्यायालय ने SGPC कर्मचारियों की बर्खास्तगी को उलट दिया, पाया 'भुकी' की पुनःप्राप्ति का सबूत अप्रमाणित
- बिल गेट्स की चेतावनी: अनियंत्रित AI से हो सकता है 100 करोड़ मौतों का जोखिम
- गोवा में धर्म‑परिवर्तन बिल को मिली आंतरिक विरोध से ठप्पी
- दिल्ली में ट्रैफ़िक चालान निपटाने का सुनहरा मौका: 25 अक्टूबर को लोक अदालत
- कर्नाटक के डीजीपी ने सेक्शन 35 बीएनएसएस के कड़ाई से पालन के लिए निर्देश जारी, पुलिस को व्यक्तिगत जवाबदेही की चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने फाइटर पायलट की विधवा को वायु सेना में पुनः भर्ती का आदेश दिया

