'समाधान समारोह-2026' का आयोजन पौड़ी गढ़वाल में: विवादों का निस्तारण आपसी सहमति से
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को 'समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026' का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य विवादों का त्वरित और सरल निस्तारण करना है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है और पक्षकारों का समय और संसाधन भी बचता है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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सुप्रीम कोर्ट में 21 से 23 अगस्त को 'समाधान समारोह-2026':विशेष लोक अदालत में आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण
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सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को 'समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026' का आयोजन किया जाएगा। पौड़ी गढ़वाल की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम ने यह जानकारी दी। इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य सर्वोच्च न्य
इस विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन और अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए तैयारियां जारी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में संबंधित पक्षकारों के साथ छठी प्री-लोक अदालत बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पक्षकारों को लोक अदालत की प्रक्रिया, उद्देश्य और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया।
सचिव नाज़िश कलीम ने बताया कि लोक अदालत विवादों के समाधान का एक प्रभावी मंच है। यहां आपसी सहमति से मामलों का त्वरित, सरल और कम खर्च में निस्तारण संभव होता है। इससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है, साथ ही पक्षकारों के समय और संसाधनों की भी बचत होती है। यह आपसी संबंधों में सौहार्द बनाए रखने में भी सहायक है।
उन्होंने यह भी बताया कि विशेष लोक अदालत से पहले राज्य, जिला, तहसील और उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरणों के मध्यस्थता केंद्रों में लगातार सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने पात्र पक्षकारों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान कराएं।
बैठक में डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश बलूनी और रिटेनर अधिवक्ता गजेंद्र सिंह रावत भी उपस्थित थे। उन्होंने विशेष लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और पक्षकारों को सुलह के माध्यम से अपने विवादों का निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया।
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