होम›अपराध›सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरिंदर कोली की मृत्यु: पुलिस ने क्या बताया?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरिंदर कोली की मृत्यु: पुलिस ने क्या बताया?

सुरिंदर कोली, जिन्हें निठारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी किया गया था, की अचानक मृत्यु हो गई है। पुलिस ने इस मामले में कुछ नया खुलासा किया है, परंतु विवरण अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है।

18 सितंबर 2026 को 11:04 am बजे
सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरिंदर कोली की मृत्यु: पुलिस ने क्या बताया?

सौजन्य से:- facebook.com

निठारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरिंदर कोली की मौत, पुलिस ने मामले में क्या बताया?

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग
अपराध

बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव
अपराध

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं
अपराध

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद
अपराध

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
अपराध

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

ताज़ा ख़बरें