इंग्लैंड कोर्ट का बड़ा फैसला, राज कुंद्रा को 4.94 मिलियन डॉलर चुकाने का आदेश
इंग्लैंड की हाई कोर्ट ने राजस्थान रॉयल्स विवाद में राज कुंद्रा को ईएमवी के 4.94 मिलियन डॉलर (ब्याज सहित) चुकाने का और भारत में आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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राजस्थान रॉयल्स विवाद: इंग्लैंड की अदालत का बड़ा फैसला, राज कुंद्रा को 4.94 लाख डॉलर चुकाने का दिया आदेश
Mon, 20 Jul 2026 08:56 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Mon, 20 Jul 2026 08:56 PM IST
सार
इंग्लैंड की हाई कोर्ट ने राजस्थान रॉयल्स विवाद में राज कुंद्रा को ईएमवी को 4.94 मिलियन डॉलर (ब्याज सहित) चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने 2019 के समझौते का हवाला देते हुए उन्हें इस मामले में भारत में आगे कोई कानूनी कार्रवाई करने से भी रोक दिया है।
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विस्तार
इंग्लैंड और वेल्स के हाई कोर्ट ने बिजनेसमैन राज कुंद्रा के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उन्हें इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स (ईएमवी) को 4.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही, राजस्थान रॉयल्स में अपनी पुरानी हिस्सेदारी को लेकर भारत में कोई भी नई कानूनी कार्रवाई करने पर स्थायी रोक लगा दी है।
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क्या है पूरा मामला?
यह विवाद आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स में राज कुंद्रा की 11.7 फीसदी हिस्सेदारी से जुड़ा है। कुंद्रा का दावा था कि उन्हें अपनी हिस्सेदारी टीम की वास्तविक कीमत से काफी कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर किया गया था। हालांकि, ईएमवी का कहना था कि वर्ष 2019 में हुए सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत राज कुंद्रा ने 4.94 मिलियन डॉलर लेने के बाद राजस्थान रॉयल्स के शेयरों पर अपने सभी अधिकार छोड़ दिए थे। साथ ही उन्होंने यह भी माना था कि भविष्य में इस मामले से जुड़े किसी भी विवाद की सुनवाई केवल इंग्लैंड की अदालतों में होगी।
भारत में भी की थी कानूनी कार्रवाई
इस साल राजस्थान रॉयल्स की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी की बिक्री की प्रक्रिया शुरू होने पर राज कुंद्रा ने एनसीएलटी और बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। उन्होंने ईएमवी और उसके सह-संस्थापक मनोज बडाले पर धोखाधड़ी और जानकारी छिपाने के आरोप भी लगाए थे। ईएमवी ने अदालत में कहा कि यह कदम 2019 के समझौते का सीधा उल्लंघन है।
हाई कोर्ट के जस्टिस ग्रिफिथ्स ने क्या कहा?
यह विवाद आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स में राज कुंद्रा की 11.7 फीसदी हिस्सेदारी से जुड़ा है। कुंद्रा का दावा था कि उन्हें अपनी हिस्सेदारी टीम की वास्तविक कीमत से काफी कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर किया गया था। हालांकि, ईएमवी का कहना था कि वर्ष 2019 में हुए सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत राज कुंद्रा ने 4.94 मिलियन डॉलर लेने के बाद राजस्थान रॉयल्स के शेयरों पर अपने सभी अधिकार छोड़ दिए थे। साथ ही उन्होंने यह भी माना था कि भविष्य में इस मामले से जुड़े किसी भी विवाद की सुनवाई केवल इंग्लैंड की अदालतों में होगी।
भारत में भी की थी कानूनी कार्रवाई
इस साल राजस्थान रॉयल्स की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी की बिक्री की प्रक्रिया शुरू होने पर राज कुंद्रा ने एनसीएलटी और बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। उन्होंने ईएमवी और उसके सह-संस्थापक मनोज बडाले पर धोखाधड़ी और जानकारी छिपाने के आरोप भी लगाए थे। ईएमवी ने अदालत में कहा कि यह कदम 2019 के समझौते का सीधा उल्लंघन है।
हाई कोर्ट के जस्टिस ग्रिफिथ्स ने क्या कहा?
- राज कुंद्रा के पास ईएमवी के दावे का बचाव करने का कोई ठोस आधार नहीं है।
- 2015 के शेयर ट्रांसफर एग्रीमेंट और 2019 के सेटलमेंट एग्रीमेंट में धोखाधड़ी या अनुचित व्यवहार का कोई सबूत नहीं मिला।
- दोनों समझौते राज कुंद्रा ने कानूनी सलाहकारों की मौजूदगी में अपनी इच्छा से किए थे।
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भारत में मुकदमे पर स्थायी रोक
कोर्ट ने पहले जारी किए गए एंटी-सूट इंजंक्शन को स्थायी कर दिया है। इसका मतलब है कि राज कुंद्रा और उनकी कंपनी कुकी इन्वेस्टमेंट्स अब राजस्थान रॉयल्स की इस हिस्सेदारी से जुड़े मामले में भारत में कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते।
रकम भी लौटानी होगी
अदालत ने राज कुंद्रा और कुकी इन्वेस्टमेंट्स को संयुक्त रूप से 4.94 मिलियन डॉलर की सेटलमेंट राशि ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि समझौते का बार-बार उल्लंघन होने के कारण ईएमवी ने उसे समाप्त करने का फैसला सही तरीके से लिया था।
राजस्थान रॉयल्स की हिस्सेदारी की बड़ी डील
यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईएमवी और उसके शेयरधारकों ने राजस्थान रॉयल्स में अपनी कंट्रोलिंग हिस्सेदारी लक्ष्मी मित्तल परिवार और अदार पूनावाला के नेतृत्व वाले समूह को बेच दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1.65 बिलियन डॉलर की यह डील आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। साल 2015 में आईपीएल में सट्टेबाजी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद राज कुंद्रा राजस्थान रॉयल्स से अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी हिस्सेदारी भी ट्रांसफर कर दी थी, जिसे लेकर बाद में यह कानूनी विवाद शुरू हुआ।
कोर्ट ने पहले जारी किए गए एंटी-सूट इंजंक्शन को स्थायी कर दिया है। इसका मतलब है कि राज कुंद्रा और उनकी कंपनी कुकी इन्वेस्टमेंट्स अब राजस्थान रॉयल्स की इस हिस्सेदारी से जुड़े मामले में भारत में कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते।
रकम भी लौटानी होगी
अदालत ने राज कुंद्रा और कुकी इन्वेस्टमेंट्स को संयुक्त रूप से 4.94 मिलियन डॉलर की सेटलमेंट राशि ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि समझौते का बार-बार उल्लंघन होने के कारण ईएमवी ने उसे समाप्त करने का फैसला सही तरीके से लिया था।
राजस्थान रॉयल्स की हिस्सेदारी की बड़ी डील
यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईएमवी और उसके शेयरधारकों ने राजस्थान रॉयल्स में अपनी कंट्रोलिंग हिस्सेदारी लक्ष्मी मित्तल परिवार और अदार पूनावाला के नेतृत्व वाले समूह को बेच दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1.65 बिलियन डॉलर की यह डील आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। साल 2015 में आईपीएल में सट्टेबाजी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद राज कुंद्रा राजस्थान रॉयल्स से अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी हिस्सेदारी भी ट्रांसफर कर दी थी, जिसे लेकर बाद में यह कानूनी विवाद शुरू हुआ।
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