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सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान समेत AAP नेताओं को नोटिस भेजा, चुनाव प्रचार में थे इन दंगों के दोषी

पंजाब हाई कोर्ट ने बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में हुई हिंसा से जुड़े मामलों को रद्द कर दिया था. चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और अब सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान समेत AAP नेताओं पर नोटिस भेज दिया है.

30 जुलाई 2026 को 11:33 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने भगवंत मान समेत AAP नेताओं को नोटिस भेजा, चुनाव प्रचार में थे इन दंगों के दोषी

सौजन्य से:- AajTak

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चंडीगढ़ प्रशासन ने 2020 में बिजली दरों में वृद्धि को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दंगा करने और पुलिस अधिकारियों पर हमले से जुड़े मामलों को रद्द करने के पंजाब हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. अब चंडीगढ़ प्रशासन की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेताओं को नोटिस जारी किया है.

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पंजाब हाई कोर्ट ने 2020 के दंगा मामले और पुलिसकर्मियों पर हुए हमले से जुड़े मामलों को रद्द करने का आदेश दिया था. अब इसके खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने याचिका दायर करते हुए इस आदेश को चुनौती दी है.

चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से ASG SV राजू ने कोर्ट में दलील दी कि इस मामले में हाई कोर्ट ने कानूनी प्रावधानों की गलत व्याख्या की थी. हाई कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह गैर-कानूनी जमावड़ा नहीं था क्योंकि CrPC की धारा 144 के तहत कोई आदेश लागू नहीं किया गया था.

यह भी पढ़ें: बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- 'मंत्री कैसे रह सकते हैं?'

ASG SV राजू की ओर से आगे दलील दी गई कि पुलिसकर्मियों को चोटें आईं थी. इन लोगों ने बैरिकेड्स तोड़े और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, ऐसे में हाई कोर्ट यह कैसे कह सकता है कि यह गैर-कानूनी जमावड़ा नहीं था? इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है. CJI ने इस मामले को सुनवाई योग्य माना है और इस संबंध में सूबेके मुख्यमंत्री भगवंत मान और अन्य आम आदमी पार्टी के नेताओं को नोटिस भी जारी किया है.

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चंडीगढ़ प्रशासन ने नवंबर 2025 के पंजाब हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें 2020 में बिजली की दरों में बढ़त के संबंध में हुए प्रदर्शन को लेकर भगवंत मान और दूसरे आम आदमी पार्टी नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया गया था.

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