अदालत की गाढ़ी नाराजगी: थाना प्रभारी को जमानत प्रकरण में लापरवाही के लिए व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश
अयोध्या की विशेष एससी/एसटी अदालत ने सुनवाई के दौरान अदालत के आदेश का पालन नहीं करने के मामले में थाना प्रभारी रुदौली को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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अदालत के आदेश की अनदेखी और लापरवाही पर अदालत सख्त:अयोध्या विशेष न्यायाधीश ने थाना प्रभारी रूदौली को आज किया है तलब
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अयोध्या की विशेष एससी/एसटी अदालत में रुदौली पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान अदालत के निर्देश का पालन नहीं किए जाने पर विशेष न्यायाधीश ने थाना प्रभारी रुदौली को बुधवार, 30 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
मामला थाना रुदौली क्षेत्र में दर्ज मारपीट और एससी/एसटी अधिनियम से संबंधित है। आरोपी जसीम और नाजरीन ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट दीपक यादव ने अभियोजन पक्ष की आपत्ति प्राप्त करने के लिए वादी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। नोटिस तामील कराने की जिम्मेदारी रुदौली पुलिस को दी गई थी।
अदालत ने पाया कि पुलिस ने न तो नोटिस की तामील कराई और न ही इस संबंध में कोई रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर चूक माना।
विशेष न्यायाधीश ने थाना प्रभारी रुदौली को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया है। अदालत के इस कदम को न्यायालयीय आदेशों की अवहेलना के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
टीकर गांव निवासी मंजू देवी ने जसीम और नाजरीन के खिलाफ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। अब थाना प्रभारी के स्पष्टीकरण के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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