बाराबंकी की लोक अदालत में 80‑वर्षीय दंपति ने झगड़ा खत्म कर फिर एक‑दूसरे को जयमाला पहनाई
बाराबंकी के राष्ट्रीय लोक अदालत में 80 साल के मेवा लाल और 75 साल की फूलमती ने एक साल के अलगाव के बाद अपने आर्थिक व जमीन से जुड़े विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया। सुनवाई के दौरान उन्होंने फिर से साथ फोटो खींचवाते हुए एक‑दूसरे को जयमाला पहनाई, जिससे सभी के चेहरे पर मुस्कान आई।

सौजन्य से:- gnttv.com
साथ फोटो खींचवाता दंपति
बाराबंकी की लोक अदालत में प्यार की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला दी. दरअसल 80 साल के मेवा लाल और 75 साल की फूलमती यहां अपने विवाद के चलते पहुंचे थे. दोनों के बीच एक साल से नाराजगी चल रही थी. दोनों के बीच बातचीत बंद थी और मामला अदालत में था. यह मामला जब राष्ट्रीय लोक अदालत के सामने आया तो कहानी में ऐसा ट्विस्ट आया कि विवाद तो खत्म हुआ ही, लेकिन सबसे चेहरों पर मुस्कान भी छोड़ गया.
यह पूरा मामला मसौली थाना क्षेत्र के एक गांव का है. छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ पति-पत्नी के बीच का विवाद इतना बढ़ गया कि सालों से साथ रह रहे दोनों, एक साल से अलग रहने लगे.
फूलमती ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गुजारा भत्ता मांगा था. वहीं मेवा लाल का कहना था कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. विवाद के दौरान उन्होंने पत्नी के नाम जमीन भी लिख दी थी. समझौते के तहत चार बिस्वा जमीन फूलमती के नाम कर दी गई. शनिवार शाम करीब चार बजे लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से एक साल पुराना विवाद खत्म हुआ.
लोक अदालत ने दोनों का विवाद केवल खत्म ही नहीं करवाया, लेकिन इस दौरान 80 साल के मेवा लाल और 75 साल की फूलमती ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई. यह वो लम्हा था, जो उन्होंने सालों पहले जिया था. लेकिन आज अदालत विवाद को लेकर पहुंचे थे. पर अदालत में दोनों को फिर एक साथ कर दिया.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद आपसी सहमति और सुलह-समझौते से विवादों का निपटारा करना है, और इस मामले में सिर्फ विवाद का निपटारा नहीं हुआ बल्कि एक साल से दूर दो दिल भी फिर करीब आ गए.
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