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बिहार की श्रेया सिन्हा का सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति की मील का पत्थर

श्रेया सिन्हा और उनके पति अमृतेश राज सिंह को सुप्रीम कोर्ट की लीगल एड कमेटी में सदस्य नियुक्ति की गई है। यह उनकी प्रतिभा और समर्पण का परिचायक है।

7 जून 2026 को 02:00 pm बजे
बिहार की श्रेया सिन्हा का सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति की मील का पत्थर

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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सुप्रीम कोर्ट लीगल एड कमेटी में खगड़िया की श्रेया सिन्हा:पति अमृतेश राज सिंह भी शामिल, जरूरतमंदों को मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद

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गोगरी, खगड़िया (बिहार) की श्रेया सिन्हा और उनके पति अमृतेश राज सिंह को सुप्रीम कोर्ट की लीगल एड कमेटी में एम्पैनल किया गया है। यह वकीलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

श्रेया सिन्हा श्री शंकर प्रशांत सिन्हा की पुत्री और स्वर्गीय परमेश्वर प्रसाद सिन्हा की पोती हैं। उन्होंने दिल्ली के एमिटी लॉ स्कूल से बी.ए.-एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की है।

वर्तमान में, श्रेया सिन्हा सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार की वकील हैं। इसके अतिरिक्त, वे दिल्ली हाईकोर्ट में भारत सरकार की सीनियर पैनल काउंसल के रूप में भी कार्यरत हैं।

वे बिहार स्टेट फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (BSFC) की लीगल कंसल्टेंट हैं। साथ ही, सिडबी (SIDBI), डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DFCCIL) और अन्य सरकारी संस्थानों के लिए पैनल काउंसल के तौर पर भी सेवाएं दे रही हैं।

उन्होंने बिहार स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और नेशनल बुक ट्रस्ट सहित विभिन्न सरकारी संगठनों में POSH कमेटी (विशाखा दिशानिर्देशों के तहत आंतरिक शिकायत समिति) की सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

लीगल एड कमेटी में उनकी नियुक्ति से श्रेया सिन्हा जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।

यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता है, बल्कि बिहार के गोगरी, खगड़िया क्षेत्र के लिए भी गौरव की बात है। श्रेया सिन्हा ने अपनी मेहनत और पेशेवर निष्ठा से सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और अन्य संस्थानों में अपनी पहचान बनाई है।

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इसका मतलब क्या है

श्रेया सिन्हा और उनके पति अमृतेश राज सिंह को सुप्रीम कोर्ट की लीगल एड कमेटी में एम्पैनल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी मदद मिलेगी। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता है, बल्कि बिहार के गोगरी, खगड़िया क्षेत्र के लिए भी गौरव की बात है। यही नहीं, बल्कि यह उनकी प्रतिभा और समर्पण का परिचायक भी है, जो उन्हें इस महत्वपूर्ण संस्थान में नियुक्त करने के लिए योग्य बनाया है। इससे श्रेया सिन्हा के कार्यस्थल पर काम करने वाले जरूरतमंद लोगों को उनकी सेवाएं लेने का मौका मिलेगा, जो उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में मदद करेगा।

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