दिल्ली हाई कोर्ट ने एआइ को आविष्कारक के तौर पर मानेने के सवाल पर पेटेंट अधिकारी से जवाब मांगा
भारतीय पेटेंट कानून के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) सिस्टम को आविष्कारक मानने से जुड़े सवाल पर दिल्ली हाई कोर्ट ने पेंटेंट अधिकारी से जवाब मांगा है।

सौजन्य से:- Jagran
'क्या पेटेंट कानून के तहत एआई को आविष्कारक माना जा सकता है?', दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय पेटेंट कानून के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम को आविष्कारक मानने के सवाल पर पेटेंट अधिकारी से जवाब मांगा है। अमेर ...और पढ़ें
HighLights
- भारतीय पेटेंट कानून में एआई को आविष्कारक मानने पर सवाल।
- दिल्ली हाई कोर्ट ने पेटेंट अधिकारी से जवाब मांगा।
- अमेरिकी वैज्ञानिक स्टीफन थेलर ने एआई को आविष्कारक बताया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारतीय पेटेंट कानून के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) सिस्टम को आविष्कार मानने से जुड़े सवाल पर हाई कोर्ट ने पेंटेंट अधिकारी से जवाब मांगा है। एक याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या भारतीय पेटेंट कानून के तहत एआइ सिस्टम को आविष्कारक माना जा सकता है।
याचिकाकर्ता अमेरिकी वैज्ञानिक स्टीफन थेलर की याचिका पर न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने पेटेंट अधिकारी को अपील याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले पर अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
थेलर ने पेटेंट आवेदन खारिज करने के आदेश को चुनौती दी
थेलर ने पेटेंट आवेदन खारिज करने के आदेश को चुनौती दी है। इसमें उनके एआइ सिस्टम, डिवाइस फार द आटोनामस बूटस्ट्रैपिंग आफ यूनिफाइड सेंटिएंस (डीएबीयूएस) को आविष्कारक बताया गया था। सुनवाई के दाैरान अदालत ने याचिकाकर्ता से आविष्कार की प्रकृति के बारे में पूछा।
इसके जवाब में थेलर की तरफ से पेश अधिवक्ता अंकित साहनी ने बताया कि यह एक ऐसे कंटेनर से जुड़ा है, जिसकी बाहरी परत फ्रैक्टल आकार की है। इससे इसे दूसरे कंटेनरों के साथ जोड़ा और अलग किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान इसकी लचीली दीवारें फैलती और सिकुड़ती हैं।
भारत में अपनी तरह की यह पहली पेटेंट अपील
उन्होंने पीठ को यह भी बताया कि भारत में अपनी तरह की यह पहली पेटेंट अपील है, इसमें एआइ द्वारा तैयार किए गए आविष्कार का मामला शामिल है। यह आविष्कार खाने-पीने की चीजों के एक ऐसे कंटेनर से जुड़ा है। दीवार पर बने गड्ढों और उभारों की वजह से कई कंटेनरों को एक साथ जोड़ा जा सकता है, जबकि दीवार के लचीलेपन के कारण उन्हें बाद में अलग भी किया जा सकता है।
खबरें और भी
अपीलकर्ता ने 15 अप्रैल के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है। अपील में तर्क दिया गया है कि थेलर या किसी अन्य इंसान का नाम आविष्कारक के तौर पर दर्ज करना गलत जानकारी देने जैसा होगा। थेलर ने उस निष्कर्ष को भी चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि कंटेनर में कोई आविष्कारशील कदम नहीं था।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
ताज़ा ख़बरें
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ
- पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
- सुप्रीम कोर्ट ने अडानी-राजस्थान पावर विवाद में फिर किया फेरबदल, पूर्व जज की जगह दूसरे जज को बनाया आर्बिट्रेटर

