होम›अपराध›चीन की अदालत का ऐतिहासिक फैसला, रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक को उम्रकैद की सजा - founder of chinese real estate company evergrande sentenced to life imprisonment
अपराध

चीन की अदालत का ऐतिहासिक फैसला, रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक को उम्रकैद की सजा - founder of chinese real estate company evergrande sentenced to life imprisonment

चीन की अदालत का ऐतिहासिक फैसला, रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक को उम्रकैद की सजा चीन की एक अदालत ने गुरुवार को एवरग्रांडे के अरबपति संस्थापक शू जियायिन को उम्रकैद की सजा सुनाई HighLights - शू जियायिन पर 8.82 अर…

20 अगस्त 2026 को 09:55 pm बजे
चीन की अदालत का ऐतिहासिक फैसला, रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक को उम्रकैद की सजा - founder of chinese real estate company evergrande sentenced to life imprisonment

सौजन्य से:- Jagran

चीन की अदालत का ऐतिहासिक फैसला, रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे के संस्थापक को उम्रकैद की सजा

चीन की एक अदालत ने गुरुवार को एवरग्रांडे के अरबपति संस्थापक शू जियायिन को उम्रकैद की सजा सुनाई

HighLights

- शू जियायिन पर 8.82 अरब युआन और एवरग्रांडे ग्रुप की घरेलू आपरेटिंग यूनिट पर सात अरब युआन का जुर्माना

- वह कभी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति रहे थे, उनकी सभी निजी संपत्ति जब्त करने का भी कोर्ट ने आदेश दिया

पीटीआई, हांगकांग। चीन की एक अदालत ने गुरुवार को एवरग्रांडे के अरबपति संस्थापक शू जियायिन को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह सजा उस घटना के कई साल बाद सुनाई गई है, जब इस बड़ी रियल एस्टेट कंपनी के डूबने से चीन का वित्तीय तंत्र लगभग ठप हो गया था।

कंपनी के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन शू जियायिन की सभी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया गया है। कभी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति रहे जियायिन की दौलत और रसूख में तब कमी आई, जब उनकी कंपनी बिखरने लगी।

कोर्ट ने शू जियायिन पर 8.82 अरब युआन और एवरग्रांडे ग्रुप की घरेलू आपरेटिंग यूनिट हेंगडा रियल एस्टेट पर सात अरब युआन का जुर्माना भी लगाया है।

ये आपराधिक आरोपों के लिए चीनी अदालत द्वारा कंपनियों पर लगाए गए सबसे बड़े जुर्माने में से एक है। 67 वर्षीय शू, जिन्हें हुई का यान के नाम से भी जाना जाता है, के राजनीतिक अधिकारों को जीवन भर के लिए छीन लिया गया है।

उन्होंने अप्रैल में कार्पोरेट संपत्ति के गबन और कार्पोरेट रिश्वतखोरी सहित कई आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था। अदालत ने कंपनी के 56 कर्मचारियों को, जिनमें जियायिन के दो बेटे भी शामिल हैं, 22 महीने से लेकर 18 साल तक की सजा सुनाई और उन पर जुर्माना लगाया या उनकी संपत्ति जब्त कर ली।

गौरतलब है कि शू जियायिन ने 1996 में एवरग्रांडे कंपनी शुरू की। कंपनी को तब बड़ा झटका लगा, जब बीजिंग ने 2020 में देश के प्रापर्टी सेक्टर में कर्ज को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए।

जब कंपनी अपने कर्ज पर ब्याज चुकाने में मुश्किलों का सामना कर रही थी, तो उसने खुद को बचाए रखने के लिए अपनी प्रापर्टीज को भारी छूट पर बेचा, लेकिन आखिरकार 2021 में वह डूब गई।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग
अपराध

बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव
अपराध

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं
अपराध

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद
अपराध

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
अपराध

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

ताज़ा ख़बरें