होमवकीलभोंडसी जेल में सुनवाई बैठी, दो विचाराधीन को मिली रिहाई
वकील

भोंडसी जेल में सुनवाई बैठी, दो विचाराधीन को मिली रिहाई

लोक अदालत के दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामले शीघ्र निपटारा किए गए।

1 जुलाई 2026 को 03:25 pm बजे
भोंडसी जेल में सुनवाई बैठी, दो विचाराधीन को मिली रिहाई

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a4525c842c69a0a2906bd2a","slug":"lok-adalat-held-at-bhondsi-district-jail-two-undertrial-prisoners-released-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-93205-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: जिला कारागार भोंडसी में लगी लोक अदालत, दो विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Gurugram News: जिला कारागार भोंडसी में लगी लोक अदालत, दो विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

-विचाराधीन बंदियों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में पहल

अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से जिला कारागार भोंडसी में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों का निपटारा करते हुए उन्हें रिहा किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी।

निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी अवलोकन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान तथा अन्य कानूनी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे भी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक विकास कौशिक, उप अधीक्षक अनिल, पैनल अधिवक्ता अभिमन्यु, जेल स्टाफ तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से जिला कारागार भोंडसी में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों का निपटारा करते हुए उन्हें रिहा किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी।

निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी अवलोकन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान तथा अन्य कानूनी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे भी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक विकास कौशिक, उप अधीक्षक अनिल, पैनल अधिवक्ता अभिमन्यु, जेल स्टाफ तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

विज्ञापन

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर
वकील

ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव
वकील

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति
वकील

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
वकील

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव
वकील

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य
वकील

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
वकील

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
वकील

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान

ताज़ा ख़बरें