भोंडसी जेल में सुनवाई बैठी, दो विचाराधीन को मिली रिहाई
लोक अदालत के दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामले शीघ्र निपटारा किए गए।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Gurugram News: जिला कारागार भोंडसी में लगी लोक अदालत, दो विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई
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-विचाराधीन बंदियों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में पहल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से जिला कारागार भोंडसी में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों का निपटारा करते हुए उन्हें रिहा किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी।
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी अवलोकन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान तथा अन्य कानूनी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे भी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक विकास कौशिक, उप अधीक्षक अनिल, पैनल अधिवक्ता अभिमन्यु, जेल स्टाफ तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से जिला कारागार भोंडसी में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों का निपटारा करते हुए उन्हें रिहा किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी।
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी अवलोकन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान तथा अन्य कानूनी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे भी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक विकास कौशिक, उप अधीक्षक अनिल, पैनल अधिवक्ता अभिमन्यु, जेल स्टाफ तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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