संभल में ई-रजिस्ट्री कानून के खिलाफ अधिवक्ताओं का अहिंसक प्रदर्शन, काला कानून बताकर वापसी की मांग
संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र में अधिवक्ताओं ने सरकार के ई-रजिस्ट्री कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यह कानून व्यापारी, किसान, अधिवक्ता और स्टांप वेंडर सभी के हितों के खिलाफ है। अधिवक्ताओं ने इसे 'काला कानून' बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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संभल में ई-रजिस्ट्री कानून के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन:काला कानून बताकर वापसी की मांग, IG स्टैंप के आश्वासन पर कल फैसला होगा, हड़ताल जारी
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संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र स्थित उपनिबंधक कार्यालय पर अधिवक्ताओं ने सरकार के ई-रजिस्ट्री कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने इसे 'काला कानून' बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यह कानून व्यापारी, किसान, अधिवक्ता और स्टांप वेंडर सभी के हितों के खिलाफ है। यह प्रदर्शन मंगलवार शाम 4 बजे किया गया।
अधिवक्ता मनीष आर्य ने बताया कि समस्त बार एसोसिएशन ई-पंजीकरण के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक यह कानून पूरी तरह वापस नहीं हो जाता। आर्य के अनुसार, ई-पंजीकरण कानून किसानों और व्यापारियों के हित में नहीं है।
मनीष आर्य ने यह भी बताया कि ई-पंजीकरण कानून की वापसी को लेकर अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही उपनिबंधक कार्यालय को कोई आधिकारिक सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आदेश नहीं आ जाता, तब तक वे इसे पूरी तरह से वापस माना नहीं मानेंगे।
अधिवक्ता प्रदीप गुप्ता ने जानकारी दी कि सुबह बार कक्ष में सभी बारों की एक बैठक हुई थी। चंदौसी, गुन्नौर और अमरोहा सहित कई स्थानों से मिली सूचना के अनुसार, आंदोलन आज भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की आईजी स्टैंप महोदया ने आश्वासन दिया है कि आज शाम तक धारा 6 और 7 से संबंधित एक और आदेश जारी किया जाएगा। इस आदेश के जारी होने के बाद सभी अधिवक्ताओं से सलाह-मशविरा कर कल कोई अहम निर्णय लिया जाएगा।
राजीव भटनागर ने भी पुष्टि की कि उनका धरना-प्रदर्शन ई-रजिस्ट्री की नई व्यवस्था के विरोध में चल रहा है। उन्होंने बताया कि आईजी स्टैंप ने कुछ आश्वासन दिए हैं और आज एक और संबंधित पत्र आने की उम्मीद है, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है।
इस प्रदर्शन में पंचम सिंह, मोहम्मद रियाज, शकील अख्तर, जाकिर हुसैन, शादाब, मुस्तकीम, राम रहीम यादव, विनेश गोयल, फहीम अली खान, लोकेश प्रजापति, प्रेम सिंह, सचिन चौहान, नीतू सैनी, पप्पू यादव, रघुनंदन गिरी, सुरेंद्र पाल यादव, मुस्तकीम रजा जैदी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
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