सांसदों-विधायकों के विरुद्ध मामलों से जुड़ी याचिका, सुनवाई से अलग हुईं सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस मोहना - justice mohana recuses from pil on mps criminal cases
सांसदों-विधायकों के विरुद्ध मामलों से जुड़ी याचिका, सुनवाई से अलग हुईं सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस मोहना सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस वी. मोहना ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे से जुड़ी जनहित याचि…

सौजन्य से:- Jagran
सांसदों-विधायकों के विरुद्ध मामलों से जुड़ी याचिका, सुनवाई से अलग हुईं सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस मोहना
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस वी. मोहना ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।
HighLights
- जस्टिस मोहना ने जनहित याचिका की सुनवाई से खुद को अलग किया।
- सांसदों-विधायकों के आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे की मांग।
- पूर्व में वकील के तौर पर पेश होने के कारण लिया फैसला।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस वी. मोहना ने मंगलवार को 2016 की एक जनहित याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इसमें देशभर के सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
वकील अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि जस्टिस मोहना पहले इस मामले में वकील के तौर पर पेश हो चुकी हैं। इसलिए वह खुद को अलग कर लेंगी। याचिका दूसरी पीठ के सामने सूचीबद्ध की जाएगी।
मामले में न्यायमित्र विजय हंसारिया ने प्रधान न्यायाधीश से जल्द से जल्द पीठ गठित करने का आग्रह किया क्योंकि इसमें तत्काल सुनवाई की जरूरत है। हंसारिया ने राजनीति के अपराधीकरण पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि लोकसभा के 543 सदस्यों में से 251 और राज्यसभा के 233 सदस्यों में से 75 नेताओं के विरुद्ध आपराधिक मामले हैं।
उन्होंने एक हलफनामे में कहा कि सांसदों और विधायकों के विरुद्ध 4,000 से अधिक आपराधिक मामले हैं। 28 में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने विरुद्ध गंभीर मामलों समेत आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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