चौबेरपुर में महिलाओं को शादी, संपत्ति और विरासत से जुड़े कानूनी अधिकार समझाए गए, जागरूक महिला ही मजबूत समाज की नींव: कानपुर न्यूज
चौबेपुर ब्लॉक सभागार में महिलाओं को शादी, संपत्ति और विरासत से जुड़े कानूनी अधिकार समझाए गए। फिक्की फ्लो कानपुर और मोती राम लॉ एसोसिएट्स ने एक फ्री लीगल अवेयरनेस कैंप आयोजित किया था।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Kanpur
- Chaubepur Women Learn Legal Rights On Marriage, Property, Inheritance
हक की बात,आधी आबादी को कानून की ताकत:चौबेपुर में महिलाओं को सिखाए शादी, जायदाद और विरासत से जुड़े कानूनी अधिकार
- कॉपी लिंक
हमारे समाज में आज भी बहुत सी महिलाएं अपने बुनियादी कानूनी अधिकारों से अनजान हैं। इसी अंतर को पाटने और महिलाओं को उनके हक के प्रति जागरूक करने के लिए चौबेपुर ब्लॉक सभागार में एक खास मुहिम चलाई गई।
फिक्की फ्लो (FICCI FLO) कानपुर और मोती राम लॉ एसोसिएट्स ने मिलकर "न्याय शक्ति आपका अधिकार, आपकी ताकत" थीम पर एक फ्री लीगल अवेयरनेस कैंप (कानूनी जागरूकता शिविर) लगाया। इसका सीधा मकसद ग्रामीण और कामकाजी महिलाओं को शादी, संपत्ति, विरासत और उत्तराधिकार से जुड़े पेचीदा कानूनों को आसान भाषा में समझाना था।
शादी से लेकर प्रॉपर्टी तक... वकीलों की टीम ने दिए हर सवाल के जवाब
अक्सर महिलाएं घरेलू विवादों या जमीन-जायदाद के मामलों में सिर्फ इसलिए पीछे रह जाती हैं क्योंकि उन्हें सही कानूनी प्रक्रिया का पता नहीं होता। शिविर में मोती राम लॉ एसोसिएट्स की टीम से आए कानून के जानकारों कामना चौधरी, जय विक्रम सिंह, जितेंद्र सचान और शिवा पाल ने महिलाओं को उनके अधिकारों की बारीकियां समझाईं।
टीम ने बताया कि, देश का कानून महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार में बराबरी का हक देता है। कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद महिलाओं ने अपनी शंकाएं और सवाल भी रखे, जिनका वकीलों ने मौके पर ही सीधा और सरल समाधान बताया।
जागरूक महिला ही बनेगी मजबूत समाज की नींव
इस पूरे कार्यक्रम की कमान फिक्की फ्लो कानपुर की चेयरपर्सन अंकिता गर्ग के हाथों में थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिर्फ आर्थिक मदद ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें कानूनी रूप से जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है।
वहीं, इवेंट चेयर श्वेता तोशनीवाल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि जब एक महिला अपने अधिकारों को जान लेती है, तो वह पूरे समाज को मजबूत बनाने की ताकत रखती है।
हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट ने भी बढ़ाई हिम्मत
कार्यक्रम में इलाहाबाद हाई कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता (एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल) संजय सिंह जाटव भी विशेष रूप से शामिल हुए।
4 तस्वीरें देखिए…
दो दशकों से ज्यादा का कानूनी अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता ने महिलाओं से कहा कि उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों को लेकर हमेशा अलर्ट रहना चाहिए। कानून हर मोड़ पर उनके साथ खड़ा है।
चौबेपुर के ब्लॉक प्रमुख राजेश शुक्ला, बीडीओ यशवीर सिंह, ग्राम विकास अधिकारी सुप्रिया सिंह सहित स्थानीय प्रशासन के लोग भी इस मुहिम के गवाह बने। "जागरूक महिला – सशक्त समाज" के नारे के साथ खत्म हुए इस शिविर में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया और इस पहल को अपने लिए बेहद मददगार बताया।
Powered by Nyaya 247 News
इसका मतलब क्या है
महिलाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाना संभावित रूप से समाज की नींव को मजबूत बना सकता है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि महिलाएं अपने बुनियादी कानूनी अधिकारों से परिचित होती हैं, जिससे वे अपने अधिकारों के लिए अधिक प्रभावी ढंग से लड़ सकें। इसके अलावा, यह कार्यक्रम शादी, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर महिलाओं को शिक्षित करने में मदद कर सकता है, जिससे वे अपने परिवार और समाज में अधिक सकारात्मक भूमिका निभा सकें। इस प्रकार, यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो महिलाओं की स्थिति को सुधारने और समाज में अधिक समानता लाने में मदद कर सकता है।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
ताज़ा ख़बरें
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ
- पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
- सुप्रीम कोर्ट ने अडानी-राजस्थान पावर विवाद में फिर किया फेरबदल, पूर्व जज की जगह दूसरे जज को बनाया आर्बिट्रेटर

