हाईकोर्ट ने नोएडा श्रमिक आंदोलन में छात्रा पर NSA कार्रवाई रद्द, दिया पाँच लाख का मुआवजा
इल्याहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई निरोध रद्द कर दी और पाँच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे गौतमबुद्ध नगर की डीएम से वसूल किया जाएगा। पुलिस द्वारा दर्ज किए गए आरोपों पर अदालत ने पाया कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे और नोटिस भी जारी नहीं हुआ था।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a988ae84c0649ab500716f3","slug":"high-court-quashes-nsa-action-against-student-in-noida-workers-protest-case-2026-09-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: नोएडा श्रमिक आंदोलन मामले में हाईकोर्ट ने रद्द की छात्रा पर एनएसए की कार्रवाई, कहा- डीएम दें हर्जाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: नोएडा श्रमिक आंदोलन मामले में हाईकोर्ट ने रद्द की छात्रा पर एनएसए की कार्रवाई, कहा- डीएम दें हर्जाना
Thu, 03 Sep 2026 03:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Sep 2026 03:10 AM IST
सार
कोर्ट ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत की गई निरुद्धि की कार्रवाई रद्द कर दी है। साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि गौतमबुद्ध नगर की डीएम से वसूल की जाएगी।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में श्रमिक आंदोलन से जुड़े मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा व सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत की गई निरुद्धि की कार्रवाई रद्द कर दी है। साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि गौतमबुद्ध नगर की डीएम से वसूल की जाएगी।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने आकृति चौधरी की याचिका पर दिया। नोएडा में श्रमिक आंदोलन मामले में पुलिस ने आकृति चौधरी के खिलाफ विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस का आरोप था कि 13 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन के दौरान आकृति चौधरी ने मजदूरों को भड़काने का प्रयास किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी हुई। सार्वजनिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। इसी मामले में याची के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए और एनएसए के तहत भी कार्रवाई की गई थी। याची छात्रा ने एनएसए व अवैध निरुद्धि के खिलाफ हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।
विज्ञापन
याची की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस और हाईकोर्ट की अधिवक्ता चार्ली प्रकाश ने दलील दी कि बिना किसी साक्ष्य के याची को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। पुलिस के पास मजदूरों को भड़काने आदि के कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। इस पर कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकार से यह पूछा था कि आकृति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने से पहले उन्हें शांतिभंग की आशंका के संबंध में कोई नोटिस जारी किया गया था या नहीं। अदालत ने कथित तौर पर मजदूरों को भड़काने वाले वीडियो और व्हाट्सएप चैट से संबंधित सामग्री भी मांगी थी।
विज्ञापन
कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान उपलब्ध सामग्री का परीक्षण किया। इस दौरान आकृति चौधरी के खिलाफ एनएसए के तहत की गई कार्रवाई के लिए आधार और ठोस सामग्री प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसके बाद कोर्ट ने डिटेंशन ऑर्डर निरस्त कर दिया।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जमानत में न्यायाधीश नहीं थोप सकते निजी नैतिकता
- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक ऊर्जा मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार शिकायत को खारिज करने वाले हाई कोर्ट आदेश को बरकरार रखा, भाजपा MLA की अपील खारिज
- उच्च न्यायालय ने SGPC कर्मचारियों की बर्खास्तगी को उलट दिया, पाया 'भुकी' की पुनःप्राप्ति का सबूत अप्रमाणित
- बिल गेट्स की चेतावनी: अनियंत्रित AI से हो सकता है 100 करोड़ मौतों का जोखिम
- गोवा में धर्म‑परिवर्तन बिल को मिली आंतरिक विरोध से ठप्पी
- दिल्ली में ट्रैफ़िक चालान निपटाने का सुनहरा मौका: 25 अक्टूबर को लोक अदालत
- कर्नाटक के डीजीपी ने सेक्शन 35 बीएनएसएस के कड़ाई से पालन के लिए निर्देश जारी, पुलिस को व्यक्तिगत जवाबदेही की चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने फाइटर पायलट की विधवा को वायु सेना में पुनः भर्ती का आदेश दिया

