स्कूल लेक्चरर का सीनियरिटी विवाद खत्म: सुप्रीम कोर्ट की मुहर-नियुक्ति तिथि के बजाय सामान्य वरिष्ठता से होगी पदोन्नति
स्कूल लेक्चरर का सीनियरिटी विवाद खत्म: सुप्रीम कोर्ट की मुहर-नियुक्ति तिथि के बजाय सामान्य वरिष्ठता से होगी पदोन्नति हाईकोर्ट का आदेश बरकरार.अब प्रदेश में वाइस प्रिंसिपल और प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति के लिए कॉमन वरिष्ठता…

सौजन्य से:- ETV Bharat
स्कूल लेक्चरर का सीनियरिटी विवाद खत्म: सुप्रीम कोर्ट की मुहर-नियुक्ति तिथि के बजाय सामान्य वरिष्ठता से होगी पदोन्नति
हाईकोर्ट का आदेश बरकरार.अब प्रदेश में वाइस प्रिंसिपल और प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति के लिए कॉमन वरिष्ठता सूची का रास्ता साफ.
Published : August 19, 2026 at 11:24 AM IST
जयपुर: सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान के शिक्षा विभाग में व्याख्याताओं (स्कूल लेक्चरर) के वरिष्ठता विवाद पर फैसला सुना दिया. जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के 8 जुलाई के आदेश को सही ठहराते हुए महिपाल व अन्य की विशेष अनुमति याचिका सिरे से खारिज कर दी. इस फैसले के बाद अब प्रदेश में वाइस प्रिंसिपल और प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति के लिए कॉमन वरिष्ठता सूची का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि सेवा में देर से आने वाले व्यक्ति को पूर्व की वरिष्ठता कैसे दी जा सकती है?. इस पर अदालत ने माना कि हाईकोर्ट की खंडपीठ के इस संबंध में दिए फैसले में कोई विधिक त्रुटि नहीं है.
यह था हाईकोर्ट का आदेश: हाईकोर्ट ने अपने आदेश में माना था कि अगर किसी भर्ती विज्ञापन के तहत एक भी व्यक्ति ने सेवा जॉइन कर ली है तो उस विज्ञापन के सभी चयनित अभ्यर्थियों को उसी तिथि से जॉइन माना जाएगा. भले ही प्रशासनिक कारणों से उनकी वास्तविक नियुक्ति कभी भी हुई हो.
फैसले का स्वागत: इधर, शीर्ष कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. अशोक जाट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के इस अंतिम आदेश के बाद शिक्षा विभाग को अब बिना किसी देरी के नई कॉमन सीनियरिटी लिस्ट जारी करनी होगी. इससे विभाग में पिछले काफी समय से रुके हुए हजारों व्याख्याताओं की पदोन्नति का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया.
पढ़ें: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला-राज्य कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक, कमेटी गठन के आदेश
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