सुप्रीम कोर्ट ने पारिवारिक विवाद के लिए आखिरी मौका दिया
कल्याणी परिवार के अंदरूनी रिश्ते टूट गए, सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए आखिरी मौका देने का निर्णय लिया है, यह विवाद अरबपति कारोबारी बाबा कल्याणी और उनकी बहन सुगंधा के बीच है।

सौजन्य से:- Hindustan
सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का दिया आखिरी मौका
--कारोबारी बाबा कल्याणी और उनकी बहन सुगंधा के बीच चल रहा संपत्ति विवाद --शीर्ष अदालत
नई दिल्ली, एजेंसी। कल्याणी परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल बीच का रास्ता अख्तियार किया है। कोर्ट ने कहा कि परिवार के सदस्य आखिरी बार मध्यस्थता के जरिए विवाद को हल करने की कोशिश करें। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त जज जस्टिस एल. नागेश्वर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद खत्म करने की संभावना तलाशने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। यह संपत्ति विवाद भारत फॉर्ज लिमिटेड के चेयरमैन एवं अरबपति कारोबारी बाबा कल्याणी और उनकी बहन सुगंधा जय हीरेमठ के बीच है। कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट में सुगंधा जय हीरेमठ द्वारा दायर मुकदमे की कार्यवाही पर रोक रहेगी。
मध्यस्थता की पूर्व कोशिशें
अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि विवाद सुलझाने के लिए पहले भी तीन बार मध्यस्थता की कोशिश हो चुकी है, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे। पहली मध्यस्थता 2018 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष, दूसरी 2024 में जिला अदालत के सामने और तीसरी इस साल की शुरुआत में हुई थी।
कल्याणी परिवार की संपत्ति
परिवार के पास आठ कंपनियां हैं। कल्याणी परिवार के पास भारत फॉर्ज लिमिटेड समेत आठ कंपनियां हैं। आठों कंपनियों का मार्केट कैप 75,600 करोड़ रुपये है। अकेले भारत फॉर्ज का मार्केट कैप 58,105 करोड़ रुपये है, जिसमें कल्याणी परिवार के पास 45.25 फीसदी हिस्सेदारी है。
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
Supreme Court ने Patna High Court के फैसले को Suo Motu उठाकर कड़ी लताड़ लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी, सीजेआई सूर्यकांत के टिप्पणी पर प्रकाश

सुप्रीम कोर्ट ने चार हाई कोर्टों में 12 अतिरिक्त जजों को स्थायी पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की

महाराष्ट्र के मजिस्ट्रेट ने रेलवे अधिकारी को बग‑ग्रस्त VIP सोफ़ा न बदलने पर अवमानना नोटिस जारी किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने SAP इंडिया को नायरा एनर्जी की सपोर्ट सेवाएँ तुरंत पुनर्स्थापित करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाई कोर्ट की संख्या अब 50, सात नई नियुक्तियों का शपथ समारोह

किशोर न्याय कानून के दशक पर मंथन: प्रभावी कार्यान्वयन के लिए परामर्श कार्यक्रम

सात नए जजों की शपथ से दिल्ली हाई कोर्ट की कुल संख्या 50, खाली पद घटेंगे
ताज़ा ख़बरें
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने इंटेरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस के लिए निर्देश, दोषी व्यक्ति पर अपमानजनक आरोपों के लिए
- केन्द्रीय सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सूचना दी
- अल्लाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2.5 वर्ष कैद रहे मुबारक अली को बAIL दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जज पदों के लिए 15 जजियों में 5 महिलाओं की सिफारिश की
- सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने बोधगया के महाबोधि व विष्णुपद मंदिरों में पूजा-अर्चना की
- गिरिडीह में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 80,659 मामलों का निपटारा, 7.64 करोड़ रुपये राजस्व
- सुप्रीम कोर्ट‑दिल्ली हाईकोर्ट के जजों ने महाबोधि मंदिर में पूजा‑अर्चना की
- सुप्रीम कोर्ट जज और पत्नी ने सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ की पूजा की

