गोवा में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा हटाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में SC दखल देने से इनकार
गोवा में मोरमुगाओ पोर्ट अथॉरिटी की जमीन पर स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रतिमा बिना वैधानिक मंजूरी के बनाई गई थी और संबंधित स्थानीय नियमों का पालन नहीं किया गया था. याचिकाकर्ताओं ने अपनी विशेष अनुमति याचिका वापस ले ली है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ताओं को बॉम्बे हाई कोर्ट में उचित आवेदन दाखिल करने की स्वतंत्रता रहेगी.

सौजन्य से:- AajTak
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- नई दिल्ली,
- 06 जुलाई 2026,
- अपडेटेड 11:59 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा में मोरमुगाओ पोर्ट अथॉरिटी (MPA) की जमीन पर स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है. इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस ले ली. न्यायमूर्ति एम.एम. सुंद्रेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी.
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यह याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट की 7 अप्रैल की उस टिप्पणी और आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की गई थी, जिसमें अदालत ने कहा था कि प्रतिमा का निर्माण और स्थापना स्थानीय कानूनों का घोर उल्लंघन करते हुए की गई है. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान जब यह संकेत मिला कि शीर्ष अदालत हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है, तब याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी.
अदालत ने यह अनुमति देते हुए कहा, 'याचिकाकर्ताओं के वकील वर्तमान विशेष अनुमति याचिका वापस लेना चाहते हैं. इसकी अनुमति दी जाती है.' सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि याचिका वापस लेने के साथ याचिकाकर्ताओं को यह स्वतंत्रता रहेगी कि वे बॉम्बे हाई कोर्ट में उचित आवेदन दाखिल कर आदेश में संशोधन या राहत की मांग कर सकते हैं.
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यह मामला गोवा के मोरमुगाओ पोर्ट अथॉरिटी क्षेत्र में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा से जुड़ा है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रतिमा बिना वैधानिक मंजूरी के बनाई गई और संबंधित स्थानीय नियमों का पालन नहीं किया गया. अब सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ताओं के पास बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है.
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