निर्मोही अखाड़ा में महंत दिनेंद्र दास के खिलाफ बड़ा मोर्चा, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
निर्मोही अखाड़ा के पंचों ने महंत दिनेंद्र दास के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्हें महंत के पद से हटाने की मांग की गई है. महंत पर नियमों की अनदेखी और असफलता के आरोप लगाए गए हैं.

सौजन्य से:- ETV Bharat
निर्मोही अखाड़ा के पंचों ने खोला महंत दिनेंद्र दास के खिलाफ मोर्चा, पद से हटाने के लिए दायर की सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, महंत दिनेंद्र दास ने किया बहुमत का दावा
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 20, 2026 at 12:23 PM IST
|Updated : July 20, 2026 at 1:28 PM IST
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पक्षकार रहे निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इसमें अखाड़े के अयोध्या रामघाट स्थित मंदिर के महंत दिनेंद्र दास को महंत के पद से हटाने की बात कही गई है.
याचिका में क्या है?: याचिका में निर्मोही अखाड़ा ने लिखा है कि, पांच जुलाई को दिल्ली में श्री पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़ा के पंचों की बैठक हुई. जिसमें 13 पंच थे, इसमें पांच प्रस्ताव पारित हुए. इसमें अखाड़े के सरपंच राजा रामचंद्राचार्य भी मौजूद थे. तीसरे प्रस्ताव जिसे उप सरपंच नृसिंह दास ने पेश किया, उसमें निर्मोही अखाड़े के अयोध्या महंत दिनेंद्र दास को पद से हटाने का प्रस्ताव रहा.
नियमों की अनदेखी का आरोप: प्रस्ताव में कहा कि पांच जून 2017 को एक पंजीकृत इकरारनामा जिसका पंजीकरण दफ्तर सब रजिस्ट्री सदर फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) में किया गया था. इकरारनामे में महंत दिनेंद्र दास ने शपथ ली थी कि निर्मोही अखाड़े के विपरीत कोई कार्य नहीं करेंगे, और अखाड़े की नियमावली का अक्षरशः पालन करेंगे. लेकिन इसे करने में वह असफल रहे, जानबूझकर घोर लापरवाही की.
महंत पर क्या हैं आरोप?: याचिका में महंत दिनेंद्र दास के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को ठीक नहीं बताया गया है. जानबूझकर पंचगणों की उपेक्षा के आरोप का जिक्र है. उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एजेंडा प्रस्ताव रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज को छुपा लिया है. मांगने पर अभद्र भाषा का उपयोग करने का भी आरोप लगा है.
दिनेंद्र दास का दावा: वहीं इस मामले निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि ये पूरी तरीके से फर्जी आरोप हैं. उन्होंने बहुमत होने का भी दावा किया. उन्होंने कहा कि, कार्तिक चोपड़ा को पहले ही मुख्तार पद से हटा दिया गया है. डाकोर वाले महाराज राजा रामचंद्राचार्य 102 वर्ष के हो गए हैं, और उन्हें गुमराह कर काम कराया जा रहा है.
यह एक पंचायती मठ है. जिसमें 19 पंच हैं. जिसमें 13 पंच अपने साथ हैं. इसके लिए कम से कम आधे से ज्यादा पंच उनके साथ होते तो माना जाता, लेकिन 13 पंच हमारे साथ हैं. यह पूरी तरह फर्जी है. कोई भी काम के लिए हमसे कोई बात भी नहीं किया गया है.- महंत दिनेंद्र दास, निर्मोही अखाड़ा, अयोध्या
महंत दिनेंद्र दास अखाड़े के महंत होने के कारण श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य मनोनीत हुए थे.
यह भी पढ़ें: विश्व युवा कौशल दिवस पर सीएम योगी की प्रदेशवासियों को पाती: 'हुनर' से ही बनेगा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत
ताज़ा ख़बरें
- ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026: जयराम रमेश ने केंद्र की योजना का किया समर्थन
- मेटा को 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए
- दोषियों की अपीलों में देरी को माफ करने का मौका, न्यायपालिका ने दी दिशानिर्देश
- JPSC परीक्षा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट में याचिका, दोबारा परीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
- शासन को आरोप तय करने में लगे 10 साल, अदालत में पहुंचते ही निरस्त
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत कर्मचारियों के पुत्रों को नौकरी देने का निर्देश दिया
- JPSC परीक्षा का सुप्रीम कोर्ट में विवाद: परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
- बच्चों की शिक्षा पर भार : शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के लिए स्पेशल कोर्ट, संघ ने दी मांग

