रेव पार्टी मामले में हाईकोर्ट की सख्ती: आयोजकों की संपत्ति कुर्क करने के लिए क्या कदम उठाए?
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू और मनाली में होने वाली रेव पार्टियों और नशाखोरी के मामले में सुनवाई की और आयोजकों की संपत्ति कुर्क करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी मांगी। कोर्ट ने सरकार और अधिकारियों से आयोजकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
कुल्लू रेव पार्टी मामला: हाईकोर्ट ने पूछा- रेव पार्टी आयोजकों की संपत्तियों को कुर्क करने के लिए क्या कदम उठाए
प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू, मनाली, कसोल और जिब्बी में पर्यटन के नाम पर आयोजित होने वाली रेव पार्टियों और नशाखोरी से जुड़े मामले में सुनवाई की। कोर्ट को सूचित किया गया कि 5 अगस्त 2026 को एसपी कुल्लू और डीसी का स्थानांतरण कर दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू, मनाली, कसोल और जीभी में पर्यटन के नाम पर होने वाली रेव पार्टियों और नशाखोरी से जुड़े मामले में सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और तत्कालीन उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और उपमंडलाधिकारी कुल्लू की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत ने 27 जुलाई और 4 अगस्त 2026 को दिए अपने आदेशों में अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी के गठन पर रोक लगा दी है। हालांकि, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शीर्ष अदालत ने अधिकारियों के तत्काल तबादले के आदेश को बरकरार रखा है।
अदालत ने हिमालयन एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन सोसाइटी कुल्लू की ओर से दायर याचिका याचिका पर जवाब मांगा कि कुल्लू और मंडी जिलों में रेव पार्टियों के संबंध में कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं। कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 5,000 से लेकर 7,00,000 रुपये तक के महंगे एंट्री टिकटों से होने वाली आय और इसके वितरण की जांच की गई है, क्या अवैध रेव पार्टी आयोजकों की संपत्तियों को कुर्क या जब्त करने के लिए कोई कदम उठाया गया है। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है।
कोर्ट को सूचित किया गया कि 5 अगस्त 2026 को एसपी कुल्लू और डीसी का स्थानांतरण कर दिया गया है। एसडीएम को भी 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत न मिलने के बाद उनका तबादला आदेश भी जल्द जारी होने की संभावना है। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय की गई है। इसके मद्देनजर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुपालन और आगे की कार्यवाही के लिए मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निश्चित की है। हाईकोर्ट ने कहा कि 24 जून के आदेश में इस बात की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे कि क्या आयोजकों की ओर से बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों के सेवन और व्यावसायिक आयोजनों में प्रशासनिक अधिकारियों की मौन सहमति या मिलीभगत थी।
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