स्थाई लोक अदालत: शीघ्र न्याय के लिए नई पहल, बताई नीतू जोशी की दृष्टि
धनौरी में स्थापित स्थाई लोक अदालत का मकसद लंबी कानूनी लड़ाइयों को घटाकर तेज़ निपटारा करना है। न्यायाधीश नीतू जोशी के अनुसार, बैंकिंग, बीमा, बिजली, स्वास्थ्य और जल से जुड़े विवादों को आपसी समझौते के आधार पर बिना खर्च के सुलझाया जा सकता है। इस पहल की जागरूकता बढ़ाने के लिए हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सौजन्य से:- Hindustan
शीघ्र न्याय दिलाना स्थाई लोक अदालत का उद्देश्य: जोशी
हिन्दुस्तान, रुडकी
धनौरी में स्थाई लोक अदालत का गठन न्याय में शीघ्रता लाने के लिए किया गया है। न्यायाधीश नीतू जोशी ने बताया कि लोक अदालत में आपसी सुलह के माध्यम से मुकदमों का निस्तारण किया जा सकता है, जिससे बिना खर्च के आम जन न्याय पा सकेंगे। कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
धनौरी, संवाददाता। स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष न्यायाधीश नीतू जोशी ने कहा कि शीघ्र न्याय दिलाए जाने के उद्देश्य से स्थाई लोक अदालत का गठन किया गया है। लोकअदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर मुकदमों का निस्तारण कराकर आमजन लंबी कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं। शनिवार को हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में स्थाई लोक अदालत के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उच्चतर न्यायिक सेवा की अधिकारी नीतू जोशी ने बताया कि बैंकिंग, बीमा, बिजली, स्वास्थ्य, जल संस्थान आदि से संबंधित मामलों में स्थाई लोक अदालत में अर्जी दाखिल की जा सकती है।
बिना किसी खर्च के वादी न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
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