होम›अपराध›गोवा सरकार ने तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
अपराध

गोवा सरकार ने तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

गोवा सरकार ने तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पत्रकार तरुण तेजपाल की 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में सुनाई गई 10 साल की सजा बढ़ाने की मांग की। हाई…

18 अगस्त 2026 को 07:55 pm बजे
गोवा सरकार ने तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

सौजन्य से:- Hindustan

गोवा सरकार ने तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पत्रकार तरुण तेजपाल की 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में सुनाई गई 10 साल की सजा बढ़ाने की मांग की। हाई कोर्ट ने उन्हें बलात्कार का दोषी ठहराया था, लेकिन गोवा सरकार के अनुसार, यह सजा अपराधों की गंभीरता के मुताबिक बहुत कम है।

गोवा सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पत्रकार तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में सुनाई गई सजा को बढ़ाने की मांग की। छह अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट ने तेजपाल को बलात्कार का दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें तहलका के पूर्व संपादक को पांच साल पहले बरी कर दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में गोवा सरकार ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा, तेजपाल द्वारा किए गए अपराधों की प्रकृति और गंभीरता के हिसाब से बहुत कम थी।

इस मामले में सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास या ऐसी सजा करने की जरूरत है जिसे यह अदालत उचित समझे और सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए था।

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग
अपराध

बिल गेट्स ने चेतावनी दी: गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ जीवन का खतरा, सरकार से कड़े नियमों की माँग

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव
अपराध

कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा: डिजिटल क्षेत्र में जातिगत गाली पर आपराधिक कार्रवाई संभव

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं
अपराध

दिल्ली HC: मुस्लिम वैवाहिक शादियों से POCSO का अपवाद नहीं

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में लॉ छात्र अक्षत त्रिपाठी की नई याचिका, यूपी सरकार पर भ्रामक जानकारी का आरोप

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद
अपराध

चुनाव आयोग का फ़ॉर्म‑६ बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का समर्थन कथन विवादास्पद

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
अपराध

उत्तरी प्रदेश सरकार ने कोर्ट को गुमराह किया, नोटिस देने वाले कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को निलंबित नहीं किया: लॉ छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने EC नियुक्ति विधि पर विभाजित रुख अपनाया: क्या बदलेगा चुनावी स्वतंत्रता?

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

संवैधानिक न्यायालय ही लगा सकते हैं संशोधित आजीवन कारावास, ट्रायल कोर्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

ताज़ा ख़बरें