अदालत की दहलीज पर अभिषेक शर्मा
सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कथित तौर पर बदनाम करने वाले कंटेंट को हटाने के लिए अभिषेक शर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अदालत ने फिलहाल सुनवाई टाल दी है और पूरे मामले की समीक्षा के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों की मांग की है. अभिषेक शर्मा ने पर्सनलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए केस दर्ज किया है.

सौजन्य से:- ABP News
अभिषेक शर्मा ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, आखिर क्यों पहुंचे अदालत? जानें क्या है पूरा मामला
Abhishek Sharma Delhi High Court AI Case: अभिषेक शर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर उन्हें बदनाम करने वाले कंटेन्ट को हटाने की मांग की.
अभिषेक शर्मा दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे हैं, जहां उन्होंने पर्सनेलिटी राइट्स की सुरक्षा के संबंध में एक केस फाइल किया है. अभिषेक ने उन्हें बदनाम करने वाले कंटेन्ट और उनकी मर्जी के बिना एआई से बने कंटेन्ट को हटाने की मांग की थी. फिलहाल अदालत ने पर्सनेलिटी राइट्स के प्रोटेक्शन वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है.
जस्टिस ज्योति सिंह ने इस मामले की थोड़ी देर सुनवाई की और पाया कि अभिषेक शर्मा ने उनके पर्सनेलिटी राइट्स का उल्लंघन करने वाले यूआरअल के स्क्रीनशॉट नहीं लगाए थे. जस्टिस सिंह ने अभिषेक के वकील से कहा कि जो हलफनामा और स्क्रीनशॉट जमा किए गए हैं, वे टेबल से मेल नहीं खाते हैं. इस तरह फिलहाल के लिए अदालत ने कोई आदेश पारित करने से मना कर दिया.
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि इस डिजिटल युग में मानहानि और पर्सनेलिटी राइट्स के बीच एक बहुत पतली रेखा होती है. फिलहाल अभिषेक शर्मा से कहा गया है कि वे एक अलग हलफनामा दाखिल करें, जिसमें क्रमानुसार और मामले से संबंधित स्क्रीनशॉट लगाए जाएं.
अभिषेक ने अपनी याचिका में कहा कि सोशल मीडिया पर डाले जा रहे उन्हें बदनाम करने वाले एआई कंटेन्ट को हटाया जाए. सुनवाई के दौरान मेटा प्लैटफॉर्म्स की ओर से पेश हुए वकील वरुण पाठक ने कहा कि अभिषेक शर्मा ने जो 8 यूआरएल दिए हैं, उनमें से दो तक पहुंचा नहीं जा सका और वे लिंक ओपन नहीं हुए.
दूसरी ओर अभिषेक के वकील ने कहा कि उस यूआरएल में बदनाम करने वाला एआई कंटेन्ट था, जिसमें उनकी मैनेजर को गर्लफ्रेंड कहा गया.
अभिषेक शर्मा फिलहाल इंग्लैंड टूर पर है, जहां टीम इंडिया पांच टी20 मैचों की सीरीज में व्यस्त है. भारतीय टीम पहले 2 टी20 मैचों के बाद सीरीज में 1-0 से पिछड़ रही है.
यह भी पढ़ें:
ओमान ने यूपी के इस क्रिकेटर को सौंपी कप्तानी, खेल चुका है एशिया कप; 5 साल पहले छोड़ा था भारत
'वैभव और अभिषेक की जोड़ी सही नहीं...', मोहम्मद कैफ के बयान से मची सनसनी, क्यों कह दिया ऐसा
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट ने 4 जजों का किया ट्रांसफर

पटना हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: जानिए कौन हैं वी. कामेश्वर राव

वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नवीन चीफ जस्टिस नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव बन सकते हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का प्रस्ताव

नौकरीपेशा लोगों के लिए कानून की पढ़ाई पर लगी रोक, अब केवल नियमित पाठ्यक्रम ही मान्य

ड्रग्स मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने बरी होने के बाद दिया बयान
ताज़ा ख़बरें
- एनजीटी को निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक से पहले कांग्रेस - द ट्रिब्यून
- भारत: बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव
- जस्टिस रवींद्र वी घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे
- चार हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस, नोमिनेटेड किन्हें?
- सुप्रीम कोर्ट में बड़ी दिशा चुनौतीपूर्ण बदलाव, चार जजों का हाईकोर्ट का संभावित सामना: जानिए क्या है कॉलेजियम की सिफारिश
- मद्रास उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी, 15 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ
- पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
- सुप्रीम कोर्ट ने अडानी-राजस्थान पावर विवाद में फिर किया फेरबदल, पूर्व जज की जगह दूसरे जज को बनाया आर्बिट्रेटर

