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मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज: सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की याचिका

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है और इसका फैसला चुनावी प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।

11 जून 2026 को 11:28 am बजे
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज: सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की याचिका

सौजन्य से:- ABP News

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज होने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, देर रात याचिका दाखिल

कांग्रेस का कहना है कि अभी तक कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है, जिसमें मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी निजी मामले में किसी कोर्ट ने संज्ञान लिया हो और पहले भेजे गए नोटिस को लंबित मामला नहीं माना जा सकता

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने अपना राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ बुधवार (10 जून, 2026) देर रात सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. उनके वकील गुरुवार सुबह 10:30 बजे कोर्ट से मामले में दखल की मांग कर सकते हैं.

मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया. रिटर्निंग ऑफिसर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की यह आपत्ति स्वाकीर करते हुए नामांकन खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मीनाक्षा नटराजन ने तेलंगाना में उनके खिलाफ लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी थी.

कांग्रेस ने नामांकन खारिज किए जाने के फैसले पर आपत्ति जताई है और इसे अवैध बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पर्याप्त संख्या न होने के बावजूद तीसरा राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए साजिश रची है. रिटर्निंग ऑफिसर का कहना है कि साल 2025 में हैदराबाद कोर्ट के एक नोटिस पर मीनाक्षी नटराजन ने अपना जवाब दाखिल किया था, लेकिन उन्होंने फॉर्म 26 में इस मामले का कोई जिक्र नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनका नामांकन अधूरा है और इस आधार पर यह खारिज किया जाता है.

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कांग्रेस का कहना है कि नामांकन खारिज किए जाने को कानूनी रूप से गलत ठहराया जा सकता है क्योंकि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है, जिसमें उनके खिलाफ किसी निजी मामले में किसी कोर्ट ने संज्ञान लिया हो और पहले भेजे गए नोटिस को लंबित मामला नहीं माना जा सकता, जिसकी जानकारी नामांकन में देना जरूरी हो. उधर, बीजेपी का यह कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी उम्मीदवारों को अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी देना जरूरी है और ऐसा न करके मीनाक्षी नटराजन ने दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है.

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(निपुण सहगल के इनपुट के साथ)

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इसका मतलब क्या है

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज होने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जो चुनावी प्रक्रिया और उम्मीदवारों के नामांकन से जुड़े नियमों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। यह मामला यह तय करने में मदद करेगा कि क्या उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र में लंबित मामलों की जानकारी देनी होगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव पर असर पड़ेगा और यह तय होगा कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार के साथ चुनाव में उतर सकती है या नहीं।

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