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जंतर-मंतर पर पुलिसिया कर्रवाई पर बनेगी हाई पावर्ड कमेटी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

Sign In Advertisement X सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करने के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) गठित करने का फैस…

18 अगस्त 2026 को 09:55 am बजे
जंतर-मंतर पर पुलिसिया कर्रवाई पर बनेगी हाई पावर्ड कमेटी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

सौजन्य से:- AajTak

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सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करने के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) गठित करने का फैसला किया है. इस कमेटी में पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज, पूर्व हाई कोर्ट चीफ जस्टिस और अन्य सदस्य शामिल हो सकते हैं. अदालत सुझावों पर विचार करने के बाद कल अपना अंतिम आदेश पारित कर सकती है.

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों (FIRs) को उपद्रवी तत्वों के मामलों से अलग कर रद्द किया जा सकता है.

हाई-पावर्ड कमेटी का होगा गठन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई-पावर्ड कमेटी पीड़ितों और प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का पूरा मौका देगी. अदालत ने इसके गठन के लिए पक्षों से सुझाव मांगे हैं. एक पूर्व सीबीआई महानिदेशक और एक पूर्व राज्य डीजीपी से सहमति प्राप्त कर ली गई है. कोर्ट ने कहा कि कमेटी की संरचना ऐसी होनी चाहिए, ताकि बाद में सीबीआई या पुलिस से जुड़े आरोपों पर हितों के टकराव का कोई सवाल न उठे.

शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और उपद्रवियों में फर्क

अदालत ने संकेत दिया कि HPC स्वतंत्र रूप से सभी आरोपों की जांच करेगी, जिसमें पुलिस कार्रवाई और कथित ज्यादतियां शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की जा सकती हैं.

CJI ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों और हिंसक उपद्रवियों के मामलों में स्पष्ट अंतर किया जाना चाहिए. सीजेआई ने टिप्पणी की कि आर्टिकल 19 के तहत मिले अधिकारों को भुलाया नहीं जा सकता और आवाज उठाने वाले छात्रों के मामले हिंसा से अलग हैं. अदालत ने जोर देकर कहा कि ये हजारों निर्दोष छात्रों के भविष्य का सवाल है.

कोर्ट ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे गंभीर मुद्दा बताया है. कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कोई बहाना या औचित्य नहीं हो सकता. सीजेआई ने स्पष्ट किया कि पीड़ित कोई भी हो अदालत उसके साथ खड़ी है और मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. कमेटी हर पहलू की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

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