कानून की जानकारी है सबसे बड़ा बचाव, जज ने छात्रों को दिये महत्वपूर्ण सुझाव
न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज सिंह राणा ने छात्रों को साइबर अपराध के खतरों से सतर्क रहने, अच्छे स्थान पर स्कूल जाने, मूलभूत कर्तव्यों का पालन करने और बाल श्रम निषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी।

सौजन्य से:- Hindustan
कानून की जानकारी होना ही सबसे बड़ा बचाव: जज
शिशु मंदिर में विधिक सेवा के तहत छात्रों को न्यायिक मजिस्टेट ने कानून की जानकारी
मसूरी। संवाददाता न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज मनोज सिंह राणा ने आज के डिजिटल दौर में कानून की जानकारी होना ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बढ़ते खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मसूरी में तहसील, विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज मनोज सिंह राणा ने छात्र-छात्राओं को कानून की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में कानून की जानकारी होना ही सबसे बड़ा बचाव है। साइबर अपराध और मानव तस्करी पर विशेष जोर न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज सिंह राणा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बढ़ते खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने इंटरनेट व सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के गुर सिखाए। इसके साथ ही उन्होंने मानव तस्करी जैसे संगठित अपराधों के भयावह दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।बताया कि किस प्रकार असामाजिक तत्व भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। बाल श्रम और नागरिक कर्ताव्यों का पालन करना बहुत जरूरी है। शिविर के दौरान बाल श्रम निषेध अधिनियम पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बच्चों का असली दोस्त पुस्तकें है अच्छा स्थान स्कूल है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हुए संविधान में दिए गए मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया। अध्यक्ष शैलेन्द्र कर्णवाल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। परिचय प्रधानाचार्य डॉ मनोज रयाल द्वारा कराया गया।
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