कलकत्ता उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला: छोड़ने के नोटिस के बाद किराया स्वीकार करने से किरायेदारी समाप्त नहीं होती
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया कि यदि मकान मालिक छोड़ने का नोटिस देने के बाद भी किराया स्वीकार करता है, तो यह किरायेदारी की समाप्ति नहीं मानी जाएगी। यह फैसला बज बज कंपनी लिमिटेड बनाम कलकत्ता गुजराती एजुकेशन सोसायटी मामले में सुनाया गया था।

सौजन्य से:- Live Law
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लाइव लॉ कलकत्ता उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 06 जुलाई से 12 जुलाई, 2026
सृंजॉय दास
14 जुलाई 2026 11:06 पूर्वाह्न IST
छोड़ने के नोटिस के बाद केवल किराया स्वीकार करने से किरायेदारी की समाप्ति नहीं हो जाती: कलकत्ता उच्च न्यायालय, मामले का शीर्षक: बज बज कंपनी लिमिटेड बनाम कलकत्ता गुजराती एजुकेशन सोसायटी और अन्य। उद्धरण: 2026 लाइव लॉ (सीएएल) 261 कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कलकत्ता गुजराती एजुकेशन सोसाइटी के स्वामित्व वाले परिसर से बज बज कंपनी लिमिटेड को बेदखल करने के आदेश को बरकरार रखा है...
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