मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद: मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति में फेल हुई सुलहवार्ता
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर आयोजित हुई सुलहवार्ता फेल हो गई। मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि नहीं पहुंचे, जबकि हिंदू पक्ष ने मस्जिद के लिए जमीन देने के लिए तैयारी जताई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद सुलहवार्ता फेल:मुस्लिम पक्ष नहीं पहुंचा, हिंदू पक्ष बोला- मस्जिद के लिए जमीन देने को तैयार
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर शनिवार दोपहर 2 बजे विशेष लोक अदालत (सुलहवार्ता) हुई। इसमें हिंदू पक्ष के वादी तो पहुंचे, लेकिन मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी पक्षकार मौजूद नहीं रहा। सुलहवार्ता के दौरान हिंदू पक्ष ने कहा- यद
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा की ओर से यह सुलहवार्ता आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य 21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित विशेष लोक अदालत से पहले आपसी सहमति से समाधान की संभावनाएं तलाशना था।
आधे घंटे तक रखा हिंदू पक्ष ने अपना पक्ष
हिंदू पक्ष के वादी एवं अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार दोनों पक्षों को बुलाया गया था। हिंदू पक्ष के सभी वादी तय समय पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक अपना पक्ष रखा। हालांकि, मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी प्रतिनिधि नहीं आया।
'दावा छोड़ें तो दूसरी जगह मस्जिद के लिए जमीन'
महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सुलहवार्ता में हिंदू पक्ष ने प्रस्ताव दिया कि यदि मुस्लिम पक्ष विवादित स्थल से अपना दावा और ढांचा हटा लेता है तो मस्जिद निर्माण के लिए दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से किसी भी ढांचे को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है।
ऐतिहासिक तथ्यों का भी किया जिक्र
हिंदू पक्ष ने सुलहवार्ता के दौरान अपने दावों के समर्थन में ऐतिहासिक तथ्यों का भी हवाला दिया। महेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, न्यायालय ने उनकी बात सुनी और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए।
21 से 23 अगस्त के बीच सुप्रीम कोर्ट में अगली प्रक्रिया
हिंदू पक्ष का कहना है कि यदि मथुरा स्तर पर समझौता नहीं हो पाता है तो 21, 22 या 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में आयोजित विशेष लोक अदालत के दौरान मामले पर आगे की प्रक्रिया होगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह भी सुलहवार्ता में मौजूद रहीं। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और संवाद के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की।
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