सुप्रीम कोर्ट से झटका या नई रणनीति? मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के कार्यकाल पर सपा जिलाध्यक्ष ने वापस ली याचिका - moradabad commissioner anjaneya kumar singh samajwadi party supreme court petition withdrawn
सुप्रीम कोर्ट से झटका या नई रणनीति? मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के कार्यकाल पर सपा जिलाध्यक्ष ने वापस ली याचिका सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के कार्यकाल विस्तार पर आपत्ति संबंधी अपनी याचिका सु…

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सुप्रीम कोर्ट से झटका या नई रणनीति? मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के कार्यकाल पर सपा जिलाध्यक्ष ने वापस ली याचिका
सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के कार्यकाल विस्तार पर आपत्ति संबंधी अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। यह याचिका पहले दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई थी, जिसके बाद सुनवाई में देरी के कारण सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था।
HighLights
- सपा के जिलाध्यक्ष अजय सागर ने दिल्ली हाई कोर्ट के बाद किया था सुप्रीम कोर्ट का रुख
जागरण संवाददाता, रामपुर। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह का मुरादाबाद मंडल में कार्यकाल बढ़ाने पर आपत्ति से संबंधित याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली गई। सपा के जिलाध्यक्ष की ओर से पहले दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें सुनवाई की तारीख अक्टूबर में तय होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सपा नेता मोहम्मद आजम खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई से सुर्खियों में आए मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह मूलत: असम कैडर के प्रशासनिक अधिकारी हैं। वह यहां प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। रामपुर में दो वर्ष जिलाधिकारी रहने के बाद पिछले सात वर्षों से वह मंडलायुक्त हैं।
उनके सख्त रवैये से आजम खान का खेमा खासा परेशान है। इसके चलते सपा जिलाध्यक्ष ने उनकी प्रतिनियुक्ति बढ़ाए जाने के खिलाफ वर्ष 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मगर, इस पर सुनवाई नहीं हो पा रही थी।
पिछले वर्ष 14 अगस्त को जब आंजनेय कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा था, तभी सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए मामले में दखल देने की गुहार लगाई थी।
आठ अगस्त को ही सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका का निस्तारण करते हुए कहा था कि उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिका की सुनवाई शीघ्र कराने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। हालांकि, अभी तक इस याचिका का निस्तारण हाई कोर्ट से नहीं हुआ है।
अगली तिथि आठ अक्टूबर नियत की गई है। जबकि, मंडलायुक्त का कार्यकाल 14 अगस्त को समाप्त हो रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाध्यक्ष 15 जून को नई याचिका दाखिल करते हुए दोबारा सुप्रीम कोर्ट चले गए।
इसमें उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति की अवधि 13 अगस्त को समाप्त हो रही है, जबकि, दिल्ली उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई की तारीख आठ अक्टूबर है, जो उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के लगभग दो महीने बाद है।
इस तर्क के साथ सुप्रीम कोर्ट से उचित आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई होनी थी। मगर जिलाध्यक्ष के अधिवक्ता ने याचिका वापस ले ली। जबकि, आजम खान का खेमा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टकटकी लगाए बैठा था।
सियासी गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि, सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने इस पर कुछ भी बोलने से इन्कार किया है। उधर, 14 अगस्त को कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंडलायुक्त अवकाश पर हैं, उनके संबंध में शासन से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
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